#विविध
August 5, 2026
सुक्खू सरकार का इन डॉक्टरों के लिए बड़ा तोहफा : एक साथ सैलरी में बढ़ाए 26,340 रुपये
सीनियर रेजिडेंट और सुपर स्पेशलिस्ट को भी राहत
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत कॉन्ट्रेक्ट और जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट) के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन चिकित्सकों के मासिक वेतन में करीब 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट) को अब हर महीने 33,660 रुपये के बजाय 60,000 रुपये वेतन मिलेगा।
सरकार का मानना है कि वेतन में यह बढ़ोतरी विशेषज्ञ चिकित्सकों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित करेगी। खासतौर पर प्रदेश के दूरदराज और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
इससे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों या प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वर्ष 2022 में जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट) का वेतन करीब 27 हजार रुपये से बढ़ाकर 33,660 रुपये किया गया था। अब सरकार ने इसमें एक बार फिर बड़ी वृद्धि करते हुए इसे 60 हजार रुपये मासिक कर दिया है।
सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीक और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी जरूरी है। इसी दिशा में डॉक्टरों को बेहतर आर्थिक प्रोत्साहन देने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार इससे पहले मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी वृद्धि कर चुकी है।
प्रथम वर्ष के पीजी विद्यार्थियों का स्टाइपेंड 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार, दूसरे वर्ष का 45 हजार से 60 हजार और तीसरे वर्ष का 50 हजार से बढ़ाकर 65 हजार रुपये किया गया था। ये डॉक्टर प्रशिक्षण के साथ अस्पतालों में मरीजों के इलाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार का तर्क है कि उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए आर्थिक प्रोत्साहन बढ़ाना जरूरी है।
सरकार ने सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के स्टाइपेंड में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। इनका मासिक स्टाइपेंड 60-65 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। वहीं सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) का स्टाइपेंड बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये प्रतिमाह किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों के वेतन और स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर भी सरकार काम कर रही है। उद्देश्य यही है कि हिमाचल के लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए उन्हें दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।