शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडी में एक बार फिर बादल फटने से कहर बरपा हुआ है। वहीं, अन्य जिलों में बारिश ने खूब तबाही मचाई है। इसी बीच IMD ने मौसम को लेकर नया अलर्ट जारी किया है।
ऑरेंज अलर्ट पर ये जिले
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार के लिए कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि शेष जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। तीन अगस्त तक पूरे प्रदेश में बरसात का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।
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3 अगस्त कर बारिश के आसार
सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे, जबकि शिमला में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई को वर्षा की तीव्र गतिविधियों की चेतावनी दी है। 31 जुलाई से 3 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
अब तक का मानसून नुकसान:
- 164 लोगों की मौत, जिनमें 74 की मौत सड़क हादसों में हुई
- 269 लोग घायल, 35 लोग अब भी लापता
- 1607 घर-दुकानें क्षतिग्रस्त
- 1168 गोशालाएं तबाह
- 1402 पालतु पशुओं की मौत
- कुल नुकसान का आंकड़ा ₹1523 करोड़ पार
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अभी भी कई सुविधाएं ठप:
200 सड़कें, 62 ट्रांसफार्मर, 110 जल योजनाएं बंद
अकेले मंडी में सबसे ज्यादा नुकसान:
- 121 सड़कें अवरुद्ध
- 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित
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तापमान में गिरावट की संभावना:
अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इससे मौसम में और ठंडक आने के आसार हैं।जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई, मगर नुकसान ज्यादा हुआ है। 1 से 28 जुलाई के बीच प्रदेश में 207 मिमी बारिश हुई, जबकि 229 मिमी सामान्य माना जाता है यानी 10% की कमी, लेकिन कुल मानसून (20 जून से 28 जुलाई) में 4% अधिक वर्षा हुई।
कुछ जिलों में अधिक बारिश:
- मंडी: 55% ज्यादा
- शिमला: 62% ज्यादा
- कुल्लू: 19% ज्यादा
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कुछ जिलों में भारी कमी:
- लाहौल-स्पीति: 75% कम
- चंबा: 53% कम
- कांगड़ा: 18% कम
