शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चल रहा मस्जिद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मस्जिद में जुमे की नमाज को रोकने पर पुलिस ने 2 महिलाओं समेत 6 लोगों पर केस दर्ज किया था। अब इन 6 लोगों ने शिमला के संजौली थाने के बाहर तंबू गाढ़ लिया है व आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। गौरतलब है कि आज आमरण अनशन का दूसरा दिन है। आमरण अनशन पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बैठे हैं व शुक्रवार को बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
क्यों नहीं काटा बिजली-पानी कनेक्शन ?
देव भूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक ने बताया कि संजौली मस्जिद को MC कोर्ट के बाद जिला कोर्ट ने भी अवैध करार देकर तोड़ने के आदेश दिए थे लेकिन इसके बावजूद मस्जिद की बिजली व पानी की सप्लाई अब तक नहीं काटी गई व नमाज पढ़ी जा रही है।
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बिना किसी शिकायत के दर्ज कर की FIR
वहीं उन्होंने आगे कहा कि नमाज पढ़ने से रोकने पर बिना किसी शिकायत के SHO ने अपने स्तर पर FIR दर्ज कर दी जो गलत है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग है कि जब तक FIR वापस नहीं होगी, आमरण अनशन जारी रहेगा।
प्रदेश स्तर पर किया जाएगा बड़ा आंदोलन
चेतावनी दी गई है कि अगर उनके खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमे वापस नहीं हुए तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कहा गया कि ये आंदोलन 11 सितंबर 2024 की तरह बड़ा व व्यापक होगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को बड़ा आंदोलन हो सकता है।
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सरकार व प्रशासन को 24 घंटे का समय
हिंदू संगठनों ने मांग उठाई है कि मस्जिद में अवैध निर्माण के बाद नियमों के मुताबिक बिजली व पानी काट दिया जाए। साथ ही विवादित स्थल पर गतिविधियों को रोक दिया जाए। संगठनों ने सरकार व प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया हैं।
