#विविध

June 2, 2026

हिमाचल ने खो दिया 8 आ*तंकि.यों को ढेर करने वाला वीर सपूत; राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से नवाजे थे अमित

सुबह छुट्टी पर घर पहुंचे, रात को हो गया हादसा, सैन्य सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार

शेयर करें:

Marine Commando Amit Rana

देहरा कांगड़ा। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाते हुए 8 आतंकियों को ढेर करने वाले fgekpy ds toku भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और शौर्य चक्र विजेता अमित सिंह राणा (32) अब इस दुनिया में नहीं रहे।

 

देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले इस वीर सपूत की एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। विडंबना यह रही कि सोमवार को ही छुट्टी लेकर घर पहुंचे अमित राणा पहली ही रात एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। उनके निधन से जहां हिमाचल प्रदेश ने अपना एक बहादुर बेटा खो दिया, वहीं माता-पिता ने अपना इकलौता बेटा, दो बहनों ने अपना इकलौता भाई और एक चार साल के मासूम बच्चे ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया।

8 आंतकियों को ढेर कर पाया था शौर्य चक्र

भारतीय नौसेना के विशिष्ट मरीन कमांडो दस्ते ‘मार्कोस’ में तैनात अमित सिंह राणा ने वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन रक्षक’ के दौरान कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया था। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर आतंकियों के ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की और 8 आतंकवादियों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

यह भी पढ़ें : मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गाड़ी का काटा चालान, सवार थी प्रतिभा सिंह; सील्ड रोड पर बिना परमिट दौड़...

 

उनकी इसी अदम्य वीरता, साहस और नेतृत्व क्षमता के लिए वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया था। लेकिन देश की रक्षा में दुश्मनों से लोहा लेने वाला यह बहादुर जवान अपने घर लौटने के कुछ घंटों बाद ही एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गया।

सुबह ही आए थे छुट्टी, रात को हो गया हादसा

इस दिल दहला देने वाले हादसे की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांबाज अमित राणा सोमवार सुबह ही देश सेवा से कुछ दिनों की छुट्टी लेकर अपने घर पहुंचे थे। पूरे परिवार में उनकी आमद से खुशियों का माहौल था, लेकिन किसे पता था कि यह खुशियां चंद घंटों की ही मेहमान हैं। सोमवार देर रात अमित अपने एक दोस्त से मुलाकात करने के बाद वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 11 बजे लाहड़ू के पास एक बेहद खतरनाक और अंधेरे मोड़ पर उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे 500 फीट गहरे अंधकार में समा गई।

हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और भारी मशक्कत के बाद करीब 12 बजे अमित को खाई से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत खुंडियां अस्पताल ले जाया गया, 

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थीय डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दो बहनों का था इकलौता भाई, 4 साल का है बेटा

अमित राणा की इस असामयिक मौत से उनके हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। अमित अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके पिता खुद सेना में सूबेदार के पद पर रहकर देश की सेवा कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें : ना शराब बांटी- ना ही बकरा काटा : दो दोस्तों के साथ किया प्रचार और चुनाव जीता हिमाचल का पत्रकार

इस हादसे ने जहां बहनों से उनका रक्षाकवच छीन लिया, वहीं अमित के महज 4 साल के मासूम बेटे के सिर से पिता का साया हमेशा-हमेशा के लिए उठ गया। वीर सपूत की शहादत जैसी इस मौत के बाद उनकी पत्नी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

 

यह भी पढ़ें : अनुराग ठाकुर ने कांगड़ा घाटी ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, बोले- PM मोदी ने रेल बजट में किया रिकॉर्ड इजाफा

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

मंगलवार को अमित राणा के पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। सेना के जवानों ने हवा में गोलियां दागकर अपने जांबाज साथी को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न सहित भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में पर्यटक ने की हैवा.नियत : सड़क पर चलते आदमी को मारी टक्कर, फिर गाड़ी रिवर्स कर कुचला

इस बीच, हादसे वाली जगह को लेकर स्थानीय जनता में लोक निर्माण विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस खतरनाक मोड़ पर यह हादसा हुआ, वहां न तो कोई पैरापिट था और न ही क्रैश बैरियर। लोगों ने आरोप लगाया कि अगर विभाग ने इस खतरनाक ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए होते, तो देश के इस अनमोल रत्न और परिवार के इकलौते चिराग को असमय काल का ग्रास बनने से बचाया जा सकता था। स्थानीय जनता ने प्रशासन से तुरंत यहां सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख