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June 2, 2026
हिमाचल : ZP चुनाव हार भी हीरो बन गए तरुण- जीते प्रत्याशी की रैली में पहुंचे, माला पहनाकर मिले गले
तरुण ठाकुर ने लोगों के दिल में बनाई अलग पहचान
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मंडी। पंचायत चुनावों के बाद जहां आमतौर पर जीत का जश्न और हार की निराशा देखने को मिलती है। वहीं मंडी जिले के सराज क्षेत्र से एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों की मिसाल पेश की है।
जिला परिषद चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद जंजैहली में जो हुआ, उसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। जिला परिषद चुनाव में मुकाबला समाप्त होने के बाद विजयी उम्मीदवार रोहित ठाकुर के सम्मान में एक आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे और जीत की खुशी मना रहे थे। इसी दौरान चुनावी मुकाबले में पराजित हुए तरुण ठाकुर भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। उनकी मौजूदगी ने पहले तो लोगों को हैरान किया, लेकिन अगले कुछ ही क्षणों में उन्होंने जो किया, उसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
मंच पर पहुंचते ही तरुण ठाकुर सीधे रोहित ठाकुर के पास गए। उन्होंने अपने हाथों से उन्हें फूलों की माला पहनाई और जीत की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए अप्रत्याशित था। कुछ क्षणों के लिए कार्यक्रम स्थल तालियों की गूंज से भर उठा और लोगों ने इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार का स्वागत किया।
राजनीति में अक्सर चुनावी मुकाबले के बाद कटुता की खबरें सामने आती हैं, लेकिन सराज में देखने को मिला यह दृश्य एक अलग संदेश देता नजर आया। यहां हारने वाले उम्मीदवार ने न केवल जनता के फैसले का सम्मान किया- बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी की जीत को खुले दिल से स्वीकार कर लोकतांत्रिक परंपराओं को भी मजबूती दी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव जीतना महत्वपूर्ण होता है, लेकिन हार को सम्मानपूर्वक स्वीकार करना उससे भी बड़ा गुण माना जाता है। लोगों के अनुसार, तरुण ठाकुर ने जिस सहजता और विनम्रता के साथ विजेता उम्मीदवार को बधाई दी, वह राजनीति में सकारात्मक सोच और परिपक्वता का उदाहरण है।
जंजैहली और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस तस्वीर को साझा करते हुए इसे स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान बताया है। कई लोगों का मानना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह होते हैं, लेकिन समाज और क्षेत्र के विकास के लिए आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखना उतना ही आवश्यक है।
रोहित ठाकुर की जीत निश्चित रूप से उनके समर्थकों के लिए खुशी का अवसर रही। मगर जिस तरह तरुण ठाकुर ने परिणाम आने के बाद व्यवहार किया, उसने उन्हें भी लोगों के बीच अलग पहचान दिला दी। सराज क्षेत्र में अब यह चर्चा आम है कि चुनावी नतीजे एक दिन की बात होते हैं, जबकि व्यक्तित्व और संस्कार लंबे समय तक लोगों की यादों में बने रहते हैं।