शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 200 मीटर से भी कम लंबाई की एंबुलेंस रोड के निर्माण के लिए 80 लाख रुपये मंजूर करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने लोक निर्माण विभाग पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इतनी लागत में तो एक एक्सप्रेसवे तैयार किया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने अधिकारियों को तलब किया  

अदालत ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव और संबंधित मुख्य अभियंता को अगली सुनवाई के दौरान पूरे रिकॉर्ड के साथ न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।  

 

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एंबुलेंस रोड की जगह बना दिया चौड़ा रास्ता  

अदालत के संज्ञान में आने के बाद कल्लू के चामुंडा नगर के भूटी चौक से 200 मीटर एंबुलेंस रोड बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग को 80 लाख रुपये जारी किए थे। हालांकि, एंबुलेंस रोड के बजाय सिर्फ एक चौड़ा रास्ता बना दिया गया।  

 

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सरकारी भूमि के उपयोग का निर्देश  

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर भूमि को लेकर कोई विवाद है तो उपायुक्त सरकारी जमीन की पहचान कर इसे एंबुलेंस रोड निर्माण के लिए उपलब्ध कराए।  अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत में लोक निर्माण विभाग कोपूरी जानकारी और खर्च का रिकॉर्ड पेश करना होगा।

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