शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिमला के संजौली इलाके में विवादित मस्जिद के अवैध ढांचे को तोड़ने का 60% काम ही पूरा हो सका है। इस मस्जिद के 2 फ्लोर को तोड़ने की डेडलाइन 15 मार्च तक की थी। लेकिन अभी तक दूसरे फ्लोर की छत गिराने तक का काम ही पूरा हुआ है। ऐसे में संभावना है कि वक्फ बोर्ड 15 मार्च को नगर निगम आयुक्त की कोर्ट में फिर मोहलत मांग सकता है।
धीमी गति से काम कर रही कमेटी
बीते 21 दिसम्बर को मामले पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 15 मार्च तक 3 मंजिलों का अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए थे। लेकिन मस्जिद कमेटी बहुत ही धीमी गति से काम कर रही है।
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अब न केवल मस्जिद कमेटी को अवैध निर्माण गिराने को अतिरिक्त समय मांगना होगा, बल्कि नीचे की दो मंजिलों की वैधता के सबूत भी पेश करने होंगे।
रिकार्ड पेश नहीं कर पाया वक्फ बोर्ड
पिछली सुनवाई में वक्फ बोर्ड संजौली मस्जिद की जमीन के मालिकाना अधिकार के राजस्व रिकार्ड पेश नहीं कर पाया था। लेकिन अब शनिवार को होने वाली सुनवाई में जमीन के मालिकाना हक को लेकर कागज कोर्ट के समक्ष पेश करने होंगे।
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फंड की कमी का बहाना
नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने बीते साल 5 अक्टूबर को संजौली मस्जिद के ऊपरी 3 मंजिलों को तोड़ने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी मस्जिद कमेटी केवल 60 प्रतिशत ही अवैध निर्माण तोड़ पाई है। मस्जिद कमेटी ने धीमी गति से हो रहे काम के लिए फंड की कमी का बहाना बनाया है। मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ का कहना है कि कमेटी कोर्ट के आदेशों की पालना कर रही है और अवैध निर्माण तोड़ा जा रहा है।
