शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के बावजूद कुछ शिक्षकों की तैनाती पर अब शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने सभी जिला उप निदेशकों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे शिक्षकों की पहचान करें जो बिना छात्रों के विषयों में नियुक्त हैं।
यह निर्णय प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, संसाधनों के सही इस्तेमाल और योग्य शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
एक भी बच्चा नहीं, फिर भी शिक्षक तैनात
विभाग के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कई स्कूलों में ऐसे विषयों के शिक्षक तैनात हैं जिनमें पंजीकरण शून्य है। यहां तक कि कुछ स्कूलों में वर्षों से पद खाली पड़े हैं, जबकि अन्य में बिना काम के शिक्षक जमे हुए हैं। इस असंतुलन को ठीक करने के लिए विभाग ने अब जिला स्तर पर निरीक्षण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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डम्मी एडमिशन पर भी होगी पड़ताल
उप निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों का मौके पर निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं छात्र नाम मात्र के लिए तो दर्ज नहीं किए गए हैं। डमी एडमिशन दिखाकर स्कूलों में तैनाती और संसाधनों की बरबादी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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तबादलों की तैयारी
शिक्षा विभाग ने यह भी तय किया है कि संबंधित शिक्षकों को पदोन्नति से पहले ही अन्य जरूरतमंद स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इससे एक ओर जहां खाली पड़े विषयों में पढ़ाई शुरू हो सकेगी, वहीं योग्य शिक्षकों को सही जगह तैनात किया जा सकेगा।
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उप निदेशकों को चेतावनी
विभाग ने जिला उप निदेशकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे रिपोर्टिंग में कोई लापरवाही न करें। अगर किसी स्कूल की स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उप निदेशक पर डाली जाएगी। इसके लिए फील्ड निरीक्षण अनिवार्य किया गया है।
