शाहपुर (कांगड़ा)। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए हिमाचल के कांगड़ा जिला के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के सूबेदार मेजर पवन कुमार आज उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को अंतिम विदाई देने वालों की भारी भीड़ उमड़ी थी। शहीद को उसके बेटे ने मुखाग्नि दी। वहीं साथ आए जवानों ने अपने साथी को अंतिम सलामी दी।
पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
जवान की पार्थिव देह आज दोपहर बाद उनके गांव शाहपुर के सिहालपुरी में लाई गई थी। पार्थिव देह को कुछ देर के लिए घर में रखा गया और उसके बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय श्मशानघाट ले जाया गया। शहीद की पार्थिव देह देख कर उसकी मां और पत्नी लगभग बेसुध हो गई थीं। हर तरफ चीख पुकार सुनाई दे रही थी। शहीद की पार्थिव देह लेने के लिए भारी संख्या में लोग शाहपुर बाजार में पहुंच गए थे। यहां से एक रैली के रूप में शहीद की देह को गांव तक पहुंचाया गया।
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पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंजा क्षेत्र
इस दौरान भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा था। जहां जहां से शहीद की पार्थिव देह गुजरी, सड़कों के दोनों और भारी संख्या में लोगों ने खड़े होकर जवान को सलाम किया। जवान को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों की भीड़ के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी पहुंचे हुए थे।
शुक्रवार की रात को लगी थी गोली
बता दें कि शुक्रवार देर रात राजौरी में पाकिस्तान की तरफ से लगातार फायरिंग हो रही थी। इसके जवाब में सूबेदार मेजर पवन कुमार ने अपने साथी जवानों के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया। इसी दौरान उन्हें गोली लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, यहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पवन कुमार 2 महीने बाद रिटायर होने वाले थे।
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सीएम सुक्खू ने जताया शोक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सूबेदार मेजर पवन कुमार ने देश की एकता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है और कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
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पिता को बेटे पर गर्व
शाहपुर के सिहोलपुरी के रहने वाले 48 वर्षीय सुबेदार मेजर पवन कुमार 25 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। उनके शहीद होने पर जहां उनके पिता गरज सिंह को बेटे पर फर्ख्ज्ञ है, वहीं बेटे की शहादत पर गमगीन भी थे। बड़ी बात यह है कि जवान पवन जरियाल दो माह बाद यानी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले थे। लेकिन रिटायरमेंट से मात्र दो माह पहले ही वह देश के लिए शहीद हो गए।
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शहीद के घर लोगों की भीड़
आज उनकी पार्थिव देह के इंतजार में भारी संख्या में लोग उनके घर पर पहुंचे हुए थे। जैसे ही शहीद की देह उनके घर पहुंची, तो हर तरफ से चीख पुकार मच गई। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों सहित सुलह के विधायक विपिन परमार, मेजर विजय सिंह मनकोटिया, पूर्व विधायक सरवीण चौधरी भी पहुंची हुई थी।
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बेटे की देह देख मां के नहीं रूक रहे आंसू
बेटे की देह देख कर मां के मुंह से बार बार एक ही बात निकल रही थी। कि बेटे ने दो माह बाद रिटायर होना था, लेकिन यह क्या हो गया। बेटे की देह देखकर मां के आंसू नहीं रूक रहे थे। जवान की पार्थिव देह को कुछ समय के लिए उनके घर में रखा गया है। उसके बाद जवान को अंतिम यात्रा पर ले जाया जाएगा।
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शाहपुर में सिहोलपुरी के सूबेदार मेजर पवन जरियाल के बलिदान की सूचना शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे परिवार को मिली थी। जिसके बाद परिवार के साथ साथ पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो.रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी बलिदानी के घर पहुंचे। बलिदानी पवन कुमार के घर में बुजुर्ग पिता गरज सिंह, माता, पत्नी सुषमा देवी, पुत्र अभिषेक कुमार और पुत्री अनामिका रह गए हैं। उनका बेटा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैए जबकि बेटी कॉलेज में पढ़ती है।
