शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। दिल्ली में इलाज कराने गए हिमाचली मरीजों की रातें अक्सर अस्पतालों के बाहर कटती हैं, तो पढ़ाई के लिए पहुंचे छात्र महंगे कमरों की तलाश में भटकते नजर आते हैं। लेकिन अब यह तस्वीर बदलने वाली है। हिमाचल सरकार राजधानी दिल्ली में ऐसा इंतजाम करने जा रही है, जिससे न सिर्फ मरीजों और छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की पहचान भी मजबूत होगी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली दौरे के दौरान एक अहम परियोजना का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

दिल्ली के द्वारका में बन रहा हिमाचल निकेतन

दरअसल हिमाचल सरकार दिल्ली के द्वारका में आधुनिक सुविधाओं से लैस हिमाचल निकेतन का निर्माण कर रही है। इस भवन में आधुनिक सुविधाओं से लैस 107 कमरे होंगे। इसके अलावा भी इस भवन में कई अन्य तरह की आधुनिक सुविधाएं होंगी। इस भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इस भवन में सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि आम जनता भी अपने दिल्ली दौरे के दौरान इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

 

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145 करोड़ रुपये से बन रहा आधुनिक भवन

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल निकेतन करीब 145 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इस भवन में कुल 107 कमरे होंगे। इसके साथ ही यहां रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, मीटिंग हॉल, डॉर्मिटरी, पार्किंग सुविधा, गार्डन और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यानी लोगों को एक ही परिसर में हर जरूरी सुविधा मिलेगी।

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मरीजों और छात्रों को राहत

हिमाचल से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए दिल्ली के एम्स, सफदरजंग और आरएमएल जैसे बड़े अस्पतालों में आते हैं। वहीं, कई छात्र पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली का रुख करते हैं। अब तक इन्हें महंगे होटल या किराए के कमरों में रहना पड़ता था, लेकिन हिमाचल निकेतन बनने के बाद इन्हें सस्ता, सुरक्षित और आरामदायक ठहराव मिल सकेगा।

 

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दिल्ली में हिमाचल की पहचान

हिमाचल निकेतन सिर्फ रहने की जगह नहीं होगा, बल्कि यह दिल्ली में हिमाचल प्रदेश की एक मजबूत पहचान भी बनेगा। यहां सरकारी बैठकें, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन भी किए जा सकेंगे, जिससे राजधानी में हिमाचल की मौजूदगी और प्रभाव बढ़ेगा।

दिल्ली में अपने घर घर जैसी मिलेगी रिहायश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के लोग मजबूरी में बाहर जाते हैं और सरकार चाहती है कि उन्हें वहां भी अपने घर जैसा माहौल मिले। हिमाचल निकेतन केवल छत नहीं, बल्कि सुरक्षा और अपनापन भी देगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली आने वाले मरीजों और छात्रों के लिए यह भवन बेहद फायदेमंद साबित होगा।

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