शिमला। हरियाणा रोडवेज से हिमाचल आने जाने वाले यात्रियों के लिए बुरी खबर है। हरियाणा रोडवेज की बसें हिमाचल नहीं आएंगी। यह फैसला हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने लिया है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की यूनियनों द्वारा घोषित 9 मार्च से होने वाले आंदोलन का पूर्ण समर्थन करने का निर्णय लिया है। 

एचआरटीसी को मिला हरियाणा रोडवेज का समर्थन

दरअसल एचआरटीसी चालकों परिचालकों ने लंबे समय से उनके लंबित भुगतान ना किए जाने के बाद हिमाचल सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन से आरपार की लड़ाई का फैसला कर लिया है। जिसके चलते एचआरटीसी चालक संघ ने 9 मार्च की रात से प्रदेश भर में हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। जिससे 9 मार्च की रात 12 बजे से अगले 72 घंटे तक प्रदेश की सड़कों पर एचआरटीसी की बसें नहीं चलेंगी।

 

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हिमाचल नहीं आएंगी हरियाणा रोडवेज की बसें

एचआरटीसी चालक संघ की इस हड़ताल का हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने समर्थन किया है। जिसके तहत हरियाणा रोडवेज की बसें हिमाचल नहीं भेजी जाएंगी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने अपने बयान में कहा कि हिमाचल ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर हिमाचल सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। हम एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों की हड़ताल का समर्थन करते हैं। 

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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल सरकार एचआरटीसी चालक परिचालकों की मांगों को पूरा नहीं करती है, तो हरियाणा रोडवेज की कोई भी बस हिमाचल प्रदेश में नहीं भेजी जाएगी। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता। इस फैसले के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट कंडक्टर यूनियन के उप प्रधान नवीन ठाकुर ने हरियाणा रोडवेज के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है। 

क्या है पूरा मामला

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी के चालकों परिचालकों ने उनकी मांगों को पूरा ना करने पर तीन दिन की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। निगम के यह चालक परिचालक 9 मार्च की रात 12 बजे से हड़ताल पर चले जाएंगे। जिससे प्रदेश भर में एचआरटीसी की तीन हजार से ज्यादा बसों के पहिये थम जाएंगे। 

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क्या बोले एचआरटीसी चालक संघ के अध्यक्ष

एचआरटीसी चालक संघ के अध्यक्ष मान सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार निगम के चालकों परिचालकों का भुगतान नहीं कर रहा है। लंबे समय से अपनी देनदारियों की मांग करने के बाद भी सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जिसके चलते यूनियन ने 20 फरवरी को सरकार और निगम प्रबंधन के समय उनकी मांगों को छह मार्च तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया। ऐसे में अब उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

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150 करोड़ से अधिक की हैं देनदारियां

अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि एचआरटीसी कर्मचारियों की 150 करोड़ से अधिक की देनदारियां बाकी हैं। जिसमें 65 महीने का ओवरटाइमए महंगाई भत्ते का एरियरए 4914 का एरियर और 2016 पे कमीशन का एरियर बकाया है। चालक परिचालक बार बार सरकार से उनकी देनदानियां देने की मांग करता रहा हैए बावजूद इसके उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है।

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एकमुश्त मांगे 59 करोड़ रुपए

एचआरटीसी चालक संघ के अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि जब एचआरटीसी चालक परिचालक हड़तालों ने हड़ताल करने का फैसला किया तो सरकार ने उन्हें मात्र पांच करोड़ देने की बात कही है। मान सिंह ने कहा कि अब चालक परिचालक पांच और 10 करोड़ के लॉलीपॉप से नहीं मानेंगे। उनकी लगभग 59 करोड़ की देनदारियां बाकी हैंए जिन्हें एकमुश्त चुकता किया जाए।

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