नई दिल्ली/पालमपुर। वीरों की धरती हिमाचल प्रदेश का एक और गौरवशाली सपूत शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल विश्व नाथ (वी.एन.) शर्मा का नई दिल्ली स्थित बरार स्क्वायर श्मशान घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से न केवल भारतीय सेना, बल्कि पूरे देश और हिमाचल प्रदेश ने एक ऐसे योद्धा को खो दिया है, जिसने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

कांगड़ा की धरती से था गहरा नाता

96 वर्षीय जनरल वी.एन. शर्मा का संबंध हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से था। वे भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे। पिछले वर्ष वह अपने पैतृक गांव भी पहुंचे थे, जहां उन्होंने मेजर सोमनाथ शर्मा की स्मृति में बनने वाली वन वाटिका (मेमोरियल) के शिलान्यास समारोह में भाग लेकर अपने परिवार की गौरवशाली सैन्य विरासत को याद किया था।

 

 

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पूरे सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम सलामी

शनिवार को भारतीय सेना ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ जनरल वी.एन. शर्मा को अंतिम विदाई दी। इस दौरान थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी (वर्तमान सेना प्रमुख) की ओर से भारतीय सेना ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार में मिजोरम के राज्यपाल एवं पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह, पूर्व सेना प्रमुख, तीनों सेनाओं के वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त अधिकारी, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में परिजन उपस्थित रहे। राष्ट्र ने अपने एक महान सैनिक को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

 

 

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पांच दशकों तक सेना में निभाई अहम जिम्मेदारियां

जनरल वी.एन. शर्मा का सैन्य जीवन अत्यंत गौरवशाली रहा। वर्ष 1950 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। सैन्य अभियानों से लेकर रणनीतिक नेतृत्व तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। वे विभिन्न डिवीजन, कोर और ईस्टर्न कमांड का नेतृत्व करते हुए वर्ष 1988 से 1990 तक भारतीय थल सेनाध्यक्ष रहे। अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से भी सम्मानित किया गया।

 

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सेना से रिटायर होने के बाद भी नहीं रुके सेवा के कदम

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी जनरल वी.एन. शर्मा ने समाज सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने चार दशक से अधिक समय तक हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क टीबी चिकित्सा सेवाओं से जुड़कर मानवता की सेवा की। कई दुर्गम गांवों तक स्वयं पहुंचकर उन्होंने लोगों को इलाज उपलब्ध कराया। उनकी यह सेवा भावना उन्हें केवल एक सैनिक ही नहीं, बल्कि समाज के सच्चे सेवक के रूप में भी स्थापित करती है।

 

 

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हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे जनरल वी.एन. शर्मा

जनरल वी.एन. शर्मा का जीवन साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा का अद्भुत उदाहरण रहा। एक ओर उन्होंने भारतीय सेना का नेतृत्व कर देश की सुरक्षा को मजबूत किया, वहीं दूसरी ओर समाज के कमजोर वर्गों की सेवा कर मानवता का संदेश दिया। वीरभूमि हिमाचल का यह अमर सपूत भले ही आज पंचतत्व में विलीन हो गया हो, लेकिन उनका योगदान और प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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