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September 13, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन पर विक्रमादित्य सिंह बोले- ये भारत के लिए गर्व की बात; हिमाचल आपदा पर भी जताई चिंता
बारिश से प्रदेश में सड़कें-पुल प्रभावित, PWD को 1500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन को भारत के लिए महत्वपूर्ण और गौरव का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स केवल किसी विचारधारा से जुड़ा मंच नहीं है, बल्कि यह भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संगठन है। ऐसे में आने वाले समय में भारत को ब्रिक्स में अपनी भूमिका और मजबूत करने के साथ-साथ नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर दिए अपने बयान में विक्रमादित्य सिंह ने वैश्विक राजनीति और बदलती आर्थिक व्यवस्था से लेकर भारत की तकनीकी क्षमता, रूस और चीन के साथ संबंधों तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन होना देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत को ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका समेत ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहिए। राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारत को वैश्विक मंचों पर अपनी भूमिका और प्रभाव बढ़ाने की जरूरत है।
लोक निर्माण मंत्री ने तकनीक के क्षेत्र में भारत के सामने मौजूद चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी जैसे क्षेत्रों में भारत को अपनी क्षमता और तेजी से बढ़ानी होगी। उन्होंने चीन की तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में चीन भारत से काफी आगे निकल चुका है। ऐसे में भारत को अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश और मजबूती से अपनी जगह बना सके।
ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े वैश्विक मुद्दों के साथ विक्रमादित्य सिंह ने हिमालयी क्षेत्र में बदलते पर्यावरण और बढ़ती निर्माण गतिविधियों को भी गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा चीन और नेपाल से जुड़े हिमालयी क्षेत्रों में हाइड्रो प्रोजेक्ट और अन्य निर्माण गतिविधियां चल रही हैं।
हाल के वर्षों में हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल में सामने आई प्राकृतिक आपदाएं इस बात की ओर संकेत करती हैं कि पूरे हिमालयी क्षेत्र को लेकर व्यापक स्तर पर संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब बड़ी चुनौती बन चुका है। आपदा की स्थिति में पड़ोसी देशों के बीच बेहतर समन्वय और लगातार संवाद होना जरूरी है।
विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान हुए नुकसान की जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश में करीब 1500 से 1600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश और आपदा के कारण सड़कों, पुलों और अन्य सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 800 किलोमीटर सड़कों के सुधार के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। बारिश का दौर समाप्त होने के बाद अक्टूबर से अलग-अलग क्षेत्रों में मेटलिंग और सड़क सुधार के काम शुरू किए जाएंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने शिमला के ट्रैफिक दबाव और कार्ट रोड चौड़ीकरण को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्ट रोड को चौड़ा करने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी और उन्होंने स्वयं अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया है। जमीन अधिग्रहण के लिए निर्धारित नीति के तहत कार्रवाई होगी और जमीन मालिकों को सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कार्ट रोड के चौड़ीकरण से शिमला के यातायात को राहत मिलेगी। इसके अलावा शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए दो टनल प्रस्तावित की गई हैं, जिनके जरिए शिमला के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना है।