शिमला। हिमाचल प्रदेश में पुरुषों में तंबाकू और शराब का सेवन पहले के मुकाबले कम हुआ है- जो एक राहत की बात है। हालांकि, महिलाओं में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

महिलाओं में बढ़ रही तंबाकू की लत

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (NFHS) की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं शहरी महिलाओं की तुलना में तंबाकू का अधिक सेवन कर रही हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

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रिपोर्ट में हुआ खुलासा

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। वर्ष 2019-21 के दौरान यह आंकड़ा 1.7 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 1.9 प्रतिशत हो गया है।

बेहद चिंता की बात

भले ही यह वृद्धि आंकड़ों में मामूली दिखाई देती हो। मगर स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे गंभीर संकेत मान रहे हैं क्योंकि महिलाओं में तंबाकू सेवन का बढ़ना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

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ग्रामीण महिलाएं ज्यादा शिकार

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं तंबाकू सेवन की अधिक शिकार पाई गई हैं। सर्वे में शहरी क्षेत्रों की महिलाओं में तंबाकू सेवन का प्रतिशत 1.0 दर्ज किया गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 2.0 प्रतिशत तक पहुंच गया।

पुरुषों के आंकड़े कम

इससे स्पष्ट होता है कि गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। हालांकि पुरुषों के मामले में तस्वीर कुछ सकारात्मक नजर आई है। रिपोर्ट के अनुसार 15 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में तंबाकू सेवन की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

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वर्ष 2019-21 में जहां 32.2 प्रतिशत पुरुष तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करते थे। वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा घटकर 28.9 प्रतिशत रह गया है। यानी करीब 3.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है

तंबाकू बना गंभीर समस्या

पुरुषों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शहरी क्षेत्रों में 24.6 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 29.5 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ग्रामीण इलाकों में तंबाकू सेवन की समस्या अभी भी अधिक गंभीर बनी हुई है।

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शराब पीने में भी नहीं बदलाव

सर्वेक्षण में केवल तंबाकू ही नहीं बल्कि शराब सेवन से जुड़े आंकड़े भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं में शराब सेवन के प्रतिशत में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया है। वहीं पुरुषों में शराब पीने की प्रवृत्ति में कुछ कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2019-21 में प्रदेश में 31.9 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते थे, जबकि नवीनतम सर्वे में यह आंकड़ा घटकर 30.2 प्रतिशत रह गया है।

पुरुषों में शराब पीने की कमी

शहरी क्षेत्रों में 27.6 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत 30.6 है। यह अंतर बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नशे से संबंधित चुनौतियां अभी भी अधिक बनी हुई हैं और इन क्षेत्रों में जागरूकता तथा नशा मुक्ति अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

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लोगों को किया जा रहा जागरुक

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से तंबाकू और अन्य नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसका असर विशेष रूप से युवाओं और वयस्क पुरुषों में देखने को मिला है।

कमी आना अच्छा संकेत, लेकिन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों का कहना है कि युवाओं और वयस्कों में पारंपरिक तंबाकू उत्पादों तथा धूम्रपान की आदत में कमी आना एक उत्साहजनक संकेत है। हालांकि महिलाओं में बढ़ती प्रवृत्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे की मौजूदगी यह बताती है कि अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है।

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कई गंभीर बीमारियों की जड़ तंबाकू

विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू सेवन केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह परिवार और समाज पर भी आर्थिक तथा सामाजिक बोझ बढ़ाता है। कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां और कई अन्य गंभीर रोग तंबाकू सेवन से जुड़े हुए हैं। ऐसे में जागरूकता, परामर्श और नशा मुक्ति कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर लागू करना समय की आवश्यकता है।

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