शिमला। देशभर की ग्राम पंचायतों को बेहतर कामकाज के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा प्रोत्साहन दिया है। अब प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली परफॉर्मेंस ग्रांट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
हिमाचल में पंचायतों की लगेगी लॉटरी
इस नई व्यवस्था के तहत अब ग्राम पंचायतों को उनके प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाली परफॉर्मेंस ग्रांट पहले की तुलना में दोगुनी हो जाएगी। इससे बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जिसका उपयोग ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाओं में किया जा सकेगा।
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बेहतर काम पर मिलेगा दोगुना पैसा
सरकार का मानना है कि केवल अनुदान उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पंचायतों को उनके कार्यों के परिणामों के आधार पर प्रोत्साहित करना अधिक प्रभावी होगा। इसी सोच के तहत पंचायतों के प्रदर्शन को वित्तीय सहायता से जोड़ा गया है।
केंद्र ने बढ़ाई ग्रांट
नई व्यवस्था के अनुसार जो ग्राम पंचायतें विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करेंगी, वित्तीय अनुशासन बनाए रखेंगी, सरकारी धन का पारदर्शी उपयोग करेंगी, डिजिटल रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखेंगी और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगी, उन्हें अतिरिक्त परफॉर्मेंस ग्रांट का लाभ मिलेगा।
इससे पंचायतों को विकास कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
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ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
परफॉर्मेंस ग्रांट में वृद्धि के बाद पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, सामुदायिक भवनों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने से पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकेंगी, जिससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
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हिमाचल की पंचायतों को भी मिलेगा लाभ
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान समय में 3,748 ग्राम पंचायतें कार्यरत हैं, जिनमें हाल के वर्षों में गठित 196 नई पंचायतें भी शामिल हैं। नई परफॉर्मेंस ग्रांट व्यवस्था का लाभ प्रदेश की पंचायतों को भी मिलेगा। इससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आने की संभावना है।
10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव सी. पालरासु ने कहा कि परफॉर्मेंस ग्रांट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किए जाने से पंचायतों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही को भी मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रत्येक पंचायत बेहतर कार्य करने के लिए प्रयास करे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और योजनाओं का प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
नई व्यवस्था से प्रमुख लाभ
- परफॉर्मेंस ग्रांट 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत।
- उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
- विकास योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को बढ़ावा।
- वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन पर विशेष जोर।
- पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन।
- ग्रामीण आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं के विकास में तेजी।
- ग्रामीण जनता को विकास योजनाओं का अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण लाभ।
