शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने न केवल धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पहले से ही संवेदनशील माहौल में सियासी और सामाजिक हलचल भी तेज कर दी है। संजौली मस्जिद विवाद के बाद यह नया मामला दो समुदायों के बीच फिर से तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
मामला एक बांग्लादेशी युवक से जुड़ा है, जो शिमला के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। आरोप है कि यह युवक वेश बदलकर किन्नर के रूप में शहर के प्रमुख हिंदू मंदिरों जाखू मंदिर और कालीबाड़ी मंदिर में जाता है और वहां श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के साथ.साथ उनसे पैसे भी लेता है।
किन्नर के भेष में महिलाओं को बांट रहा प्रसाद
युवक का किन्नर के भेष में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें युवक किन्नर के भेष में है और साड़ी पहने हुए है। यह युवक मंदिर के बाहर महिलाओं को प्रसाद बांट रहा है और उन्हें आशीर्वाद भी दे रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि कई महिलाएं उसे किन्नर समझ कर उसके पैर छू रही हैं।
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कैसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ, जब हिंदू रक्षा मंच ने इस युवक की सोशल मीडिया प्रोफाइल जांची, जिसमें युवक मुस्लिम समुदाय का निकला। जिसके बाद हिंदू रक्षा मंच ने इसकी शिकायत शिमला पुलिस थाना में दर्ज करवाई और मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच की मांग की। लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस भी हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की।
जांच में क्या आया सामने
जांच में युवक की पहचान बांग्लादेश निवासी इस्लाम मोहम्मद शाहिदुल्ल (30) के रूप में हुई है, जो 2024 से 2028 तक के वैध स्टडी वीजा पर भारत में रह रहा है और BJMC की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार उसके सभी दस्तावेज वीजा, पहचान पत्र, यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जांच में सही पाए गए हैं।
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युवक का पक्ष किन्नर समुदाय से जुड़ा
पूछताछ में युवक ने पुलिस को बताया कि वह खुद को किन्नर समुदाय से जुड़ा मानता है और काली माता में उसकी गहरी आस्था है। इसी वजह से वह मंदिरों में जाता है। उसने यह भी कहा कि उसने किसी से जबरन पैसे नहीं लिए] बल्कि यदि कोई श्रद्धालु स्वेच्छा से कुछ देता है तो वह मना नहीं करता।
धन उगाही के आरोप
हालांकि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि युवक सोशल मीडिया पर खुद को विदेशी छात्र बताता है, जबकि मंदिरों में किन्नर का वेश धारण कर लोगों से पैसे मांगता है। इस आरोप ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
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सियासत में घमासान, इंटेलिजेंस पर उठे सवाल
मामले के सामने आते ही प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसे इंटेलिजेंस की बड़ी चूक बताते हुए गंभीर जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक विदेशी नागरिक इस तरह धार्मिक स्थलों तक कैसे पहुंच रहा है और उसकी गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मामला है और इसे सदन में उठाया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
वहीं, शिमला के कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने मामले को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि स्टडी वीजा पर आए किसी भी विदेशी नागरिक को तय नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो मामला बांग्लादेश दूतावास के समक्ष भी उठाया जाएगा।
