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March 28, 2026
हिमाचल में पंचायत चुनावों का बिगुल बजने को तैयार, 2 दिन में आएगा रोस्टर; उम्मीदवारों ने कसी कमर
निर्वाचन और पंचायती राज विभाग ने तैयार किया रोस्टर
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धर्मशाला/शिमला। हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद अब पंचायत चुनावों की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। प्रदेश में जल्द ही चुनावी बिगुल बजने वाला है और इसके साथ ही गांव-गांव में सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी आरक्षण रोस्टर अगले दो दिनों के भीतर जारी होने की संभावना है] जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
निर्वाचन और पंचायती राज विभाग ने रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। अब केवल इसकी आधिकारिक घोषणा बाकी है। निर्धारित समयसीमा 31 मार्च को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है और किसी भी समय रोस्टर सार्वजनिक किया जा सकता है।
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सूत्रों के अनुसार प्रदेश की पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर अगले दो दिनों में जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सी पंचायत, वार्ड या पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं, कई नगर निकायों के वार्डों का आरक्षण 28 मार्च को ही सार्वजनिक किया जा रहा है, जबकि बाकी शहरी निकायों की सूची भी जल्द जारी होगी। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 847 पंचायतें हैं] ऐसे में यहां की चुनावी गतिविधियां पूरे हिमाचल की राजनीति का केंद्र बन गई हैं। रोस्टर जारी होते ही यहां चुनावी माहौल और ज्यादा गर्माने की संभावना है।
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पंचायत चुनाव की आहट तेज होते ही अब गांवों में हलचल साफ दिखाई देने लगी है। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य बनने के इच्छुक संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है। कई जगहों पर लोगों से संपर्क, बैठकों और समर्थन जुटाने का दौर भी शुरू हो गया है। हालांकि, उम्मीदवारों की अंतिम स्थिति आरक्षण रोस्टर पर निर्भर है। रोस्टर जारी होते ही कई चेहरों की राजनीतिक दिशा तय होगी—कुछ की उम्मीदों को पंख लगेंगे तो कुछ को रणनीति बदलनी पड़ सकती है।
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जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पंचायत समिति और वार्ड स्तर के आरक्षण की घोषणा विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) द्वारा की जाएगी, जबकि पंचायत प्रधान पदों का रोस्टर जिला स्तर पर जारी होगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। नगर निकायों में भी वार्ड आरक्षण के लिए ड्रा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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पंचायत चुनावों को लोकतंत्र की जड़ माना जाता है, जहां से विकास की दिशा तय होती है। ऐसे में रोस्टर जारी होते ही न केवल चुनावी गतिविधियां तेज होंगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को लेकर नई उम्मीदें भी जागेंगी। कुल मिलाकर हिमाचल में पंचायत चुनावों की दस्तक अब साफ सुनाई देने लगी है। अगले दो दिनों में रोस्टर जारी होते ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और इसके साथ ही प्रदेश में चुनावी माहौल अपने चरम पर पहुंच जाएगा।