ऊना। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा, भूस्खलन या फ्लैश फ्लड के दौरान अक्सर एक मुद्दा बार-बार चर्चा में आ जाता है। सोशल मीडिया पर कई लोग यह आरोप लगाते हैं कि आपदा के समय मैगी, पानी की बोतल और अन्य खाने-पीने की चीजें कई गुना महंगी कीमत पर बेची जाती हैं।
100 रुपये की मैगी
खासकर 100 रुपये की मैगी को लेकर हर बार बहस छिड़ जाती है और हिमाचल के कारोबारियों पर सवाल उठाए जाते हैं। मगर अब पंजाब के जालंधर में हुई एक घटना ने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। इस बार चर्चा का केंद्र 90 रुपये का एक नान बना है।
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90 रुपये का एक नान
मंगलवार को जालंधर बस स्टैंड स्थित एक ढाबे पर खाने की कीमत को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि मामला बहस से बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटना में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के रहने वाले एक युवक के साथ मारपीट होने का आरोप लगा है।
युवक से की मारपीट
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग न केवल मारपीट की आलोचना कर रहे हैं- बल्कि ढाबों पर खाने की कीमतों को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, ऊना निवासी विकास अमृतसर से अपने घर लौट रहा था। यात्रा के दौरान वह जालंधर बस स्टैंड पर रुका और वहां स्थित 'ज्ञानी दा ढाबा' में खाना खाने पहुंचा। भोजन के साथ उसने दो नान खाए। जब बिल चुकाने की बारी आई तो ढाबा संचालक ने केवल दो नान के 180 रुपये मांगे। यानी एक नान की कीमत 90 रुपये थी।
ढाबे वाले ने लिए डबल पैसे
इतनी कीमत सुनकर विकास ने हैरानी जताई और कहा कि आमतौर पर दो नान की कीमत इससे काफी कम होती है। उसका कहना था कि उसने पहले रेट नहीं पूछा था क्योंकि सामान्य तौर पर अलग-अलग जगहों पर दो नान 70 से 80 रुपये तक मिल जाते हैं। उसे उम्मीद नहीं थी कि एक नान के लिए 90 रुपये देने होंगे।
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ढाबा संचालक ने जड़े थप्पड़
आरोप है कि कीमत को लेकर आपत्ति जताने के बाद ढाबा संचालक नाराज हो गया। दोनों के बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष सड़क पर आ गए। आरोप है कि इस दौरान ढाबा संचालक ने विकास के साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ भी मारे। मारपीट में विकास के मुंह पर चोट आई।
पुलिस तक पहुंचा मामला
वहीं, ढाबा संचालक हरजिंदर सिंह का कहना है कि उनके यहां एक नान की निर्धारित कीमत 90 रुपये है और ग्राहक से उसी हिसाब से दो नान के 180 रुपये मांगे गए थे। उनका कहना है कि बिल में कोई अतिरिक्त राशि नहीं जोड़ी गई और ग्राहक को तय रेट ही बताया गया था। हालांकि, विवाद बढ़ने के कारण मामला पुलिस तक पहुंच गया।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस को अपनी-अपनी शिकायत दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर भी घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विवाद किस वजह से हिंसा तक पहुंचा और किस पक्ष की क्या जिम्मेदारी बनती है।
लोगों में छिड़ी चर्चा
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। बड़ी संख्या में यूजर्स का कहना है कि अगर किसी होटल या ढाबे पर खाने की कीमत अधिक है तो उसे पहले से स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए- ताकि ग्राहकों को बाद में विवाद का सामना न करना पड़े।
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मैगी 100 में, 90 का नान....
वहीं कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब हिमाचल में आपदा के दौरान 100 रुपये की मैगी को लेकर पूरे देश में बहस होती है- तो फिर 90 रुपये के एक साधारण नान की कीमत पर उतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई देती।
