#अव्यवस्था
August 5, 2026
हिमाचल में एक घर का आया 68,000 बिजली बिल, शिकायत की तो...भरने पड़े सिर्फ 107 रुपये
उपभोक्ता ने हाल ही में पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगवाया था
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासुपर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। उपमंडल घुमारवीं के गांव बाड़ी-छजोली में उस समय हड़कंप मच गया- जब एक उपभोक्ता के घर करीब 68 हजार रुपये का बिजली बिल पहुंचा।
सामान्य घरेलू उपभोक्ता के लिए इतनी बड़ी राशि का बिल देख परिवार के सदस्य भी हैरान रह गए। देखते ही देखते यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगा। कई लोगों ने इसे विभाग की बड़ी लापरवाही बताते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए।
बिल में हजारों यूनिट बिजली की खपत दर्ज होने के कारण उपभोक्ता को संदेह हुआ कि कहीं न कहीं तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी गलती हुई है। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज करवाई और बिल की जांच की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रिकॉर्ड और मीटर से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सामने आया कि उपभोक्ता द्वारा वास्तव में इतनी बिजली की खपत नहीं की गई थी
विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ कि कुछ समय पहले पुराने मीटर को बदलकर नया मीटर लगाया गया था। इसी प्रक्रिया के दौरान पुराने मीटर की रीडिंग दर्ज करने में त्रुटि हो गई, जिसके कारण उपभोक्ता के खाते में गलत यूनिट दर्ज हो गईं। यही गलती बाद में बिलिंग सिस्टम तक पहुंची और उपभोक्ता के नाम करीब 68 हजार रुपये का बिजली बिल जनरेट हो गया।
घुमारवीं विद्युत मंडल के SDO विवेकानंद शर्मा ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने पर यह स्पष्ट हो गया कि मीटर बदलते समय रीडिंग दर्ज करने में मानवीय त्रुटि हुई थी। उन्होंने कहा कि पुराना मीटर शून्य रीडिंग पर नहीं था, लेकिन रिकॉर्ड अपडेट करते समय हुई गलती के कारण गलत बिल तैयार हो गया। विभाग ने वास्तविक रीडिंग के आधार पर बिल को तुरंत संशोधित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि संशोधन के बाद उपभोक्ता को सिर्फ 107 रुपये का सही बिजली बिल भरना पड़ा। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और संबंधित रिकॉर्ड की जांच सावधानीपूर्वक की जाए।
SDO विवेकानंद शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी सूचना को सोशल मीडिया पर साझा करने या आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। कई बार अधूरी या गलत जानकारी तेजी से फैल जाती है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास करता है- तो ऐसे मामलों में विभाग नियमानुसार कार्रवाई करने पर भी विचार करेगा।