#अपराध
September 17, 2026
हिमाचल में नशा तस्करों पर पुलिस की बड़ी चोट, 2 आरोपियों से 1.49 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
पुलिस ने नशा तस्कर की दुकान, मकान, गाड़ियां की फ्रीज
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सोलन। हिमाचल में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। बद्दी पुलिस ने नशा तस्करी के मामलों में केवल आरोपियों को पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी- बल्कि उनकी कथित अवैध कमाई तक भी पहुंच बनाई है।
नालागढ़ थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों में पुलिस ने आरोपियों और उनके परिजनों के नाम पर चिन्हित करीब 1.49 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति फ्रीज की है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक लेनदेन की जांच के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
पहले मामले में नालागढ़ थाना क्षेत्र के दत्तोवाल निवासी गगनदीप वर्मा उर्फ बिल्ला के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से 6.53 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद किया था।
मामले की वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर कई संपत्तियों और वाहनों की पहचान की। इनमें 53 हजार रुपये कीमत की एक्टिवा, 17.20 लाख रुपये की दो अलट्रोज कारें और 9.50 लाख रुपये की वरना कार शामिल हैं।
इसके अलावा दत्तोवाल में करीब 12.50 लाख रुपये की दुकान और छह लाख रुपये कीमत के मकान की भी पहचान की गई। पुलिस के अनुसार इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत करीब 45.73 लाख रुपये है।
दूसरी कार्रवाई बीड़ प्लासी निवासी सुरजन कुमार से जुड़े एनडीपीएस मामले में की गई। पुलिस ने उसके पास से 9.56 ग्राम हेरोइन और 77.770 ग्राम चरस बरामद की थी। इसके बाद की गई वित्तीय जांच में पुलिस को आरोपी की पत्नी पूनम कौंडल के नाम पर अभिपुर फेज-II न्यू नालागढ़ कॉलोनी में आठ मरले के प्लॉट पर बने मकान की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार प्लॉट की कीमत करीब तीन लाख रुपये है। जबकि निर्माणाधीन मकान का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपये है। दोनों को मिलाकर इस संपत्ति की कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये आंकी गई है।
दोनों मामलों में चिन्हित संपत्तियों की कुल कीमत करीब 1.49 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कथित कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसना है।
SP बद्दी विनोद धीमान ने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में आरोपियों की वित्तीय गतिविधियों की जांच जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर कानून के तहत उन्हें फ्रीज और जब्त करने की कार्रवाई आगे भी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी अवैध कमाई के स्रोत और उससे बनाई गई संपत्तियों की भी जांच की जाएगी।