ऊना। अबू धाबी में हुए ड्रोन हमले में हिमाचल प्रदेश के एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। मृतक का पार्थिव शरीर भारत लाया जा रहा है और हिमाचल पहुंचने के बाद पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गाड़ी के पास कर रहे थे आराम
जानकारी के अनुसार जसविंद्र सिंह पिछले करीब 18 साल से खाड़ी देशों में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। बीते करीब डेढ़ साल से वह दुबई में ही नौकरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन वह आर्मी कैंप के पास सामान सप्लाई करने गया हुआ था। गाड़ी खाली करने से पहले वह उसमें ही आराम कर रहा था, तभी अचानक ड्रोन मिसाइल हमला हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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दिल्ली पहुंच चुका है पार्थिव शरीर
घटना के बाद वहां की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद भारत सरकार की मदद से जरूरी कार्रवाई पूरी की गई और जसविंद्र सिंह का शव भारत लाया गया। अब उसका पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच चुका है, जहां से परिजन उसे अपने गांव ला रहे हैं।
परिवार को नहीं दी है पूरी जानकारी
प्रशासन के मुताबिक रविवार को उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जसविंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी, एक 24 साल का बेटा और एक बेटी छोड़ गया है। बताया जा रहा है कि परिवार को अभी तक इस घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
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अबू धाबी में हुआ भीषण ड्रोन हमला
मृतक की पहचान ऊना के मजारा गांव निवासी 52 वर्षीय जसविंदर सिंह उर्फ शम्मी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार ये दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब जसविंदर सिंह अबू धाबी के एक क्षेत्र में अपनी गाड़ी के पास खड़े होकर मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे।
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बताया जा रहा है कि उसी वक्त वहां एक ड्रोन हमला हुआ जिसकी चपेट में जसविंदर सिंह आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि जसविंदर की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती खबरों के मुताबिक ये हमला एक प्रतिबंधित क्षेत्र के पास हुआ जिसने वहां मौजूद हर चीज को अपनी चपेट में ले लिया।
परिवार का एकमात्र सहारा थे जसविंदर
जसविंदर सिंह पिछले कई वर्षों से अबू धाबी में बतौर ड्राइवर काम कर रहे थे। वे अपने पीछे परिवार की जिम्मेदारी छोड़ गए हैं जिनका भरण-पोषण वे विदेश में रहकर कर रहे थे। वे अकसर काम के सिलसिले में घर आते-जाते रहते थे और हाल ही में छुट्टियां बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि इस बार की विदाई आखिरी होगी।
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शव लाने की कोशिशें शुरू
जैसे ही इस दुखद घटना की खबर ऊना के मजारा गांव पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है।
एक मेहनती इंसान का दुखद अंत
जसविंदर सिंह की मौत ने उन हजारों प्रवासियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए खाड़ी देशों में संघर्ष कर रहे हैं। मजारा गांव के लोग आज उस व्यक्ति की याद में डूबे हैं जो अपनी मेहनत से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
