शिमला। हिमाचल प्रदेश के युवाओं को नशे की गर्दिश में धकेलने वाले चिट्टा (हेरोइन) नेटवर्क पर शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शिमला पुलिस ने हिमाचल में नशा सपलाई करने वाले पंजाब के दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए मुख्य सप्लायरों में एक सरकारी बैंक का कर्मचारी है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने पंजाब और चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है।
मुख्य सप्लायरों तक कैसे पहुंची पुलिस
बताया जा रहा है कि शिमला पुलिस ने दो अलग अलग मामलों में चार स्थानीय युवकों को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जब इन युवकों से पूछताछ की गई और उनके बैकवर्ड लिंक खंगाले गए तो इसके तार पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़े पाए गए। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब और चंडीगढ़ के दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर लिया।
यह दोनों ही सप्लायर हिमाचल के नशा तस्करों तक चिट्टा पहुंचाते थे। इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि नशे के इस काले कारोबार में शामिल मुख्य आरोपियों में से एक सहकारी बैंक का कर्मचारी है, जो नौकरी की आड़ में चिट्टा बेचकर मोटी कमाई कर रहा था।
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ढली में चिट्टे के साथ पकड़े थे दो युवक
पहला मामला शिमला के ढली थाना क्षेत्र का है। 28 अगस्त को पुलिस टीम ने भट्टाकुफर-ढली टनल मार्ग पर एक टैक्सी की जांच की थी। इस दौरान सुन्नी निवासी 25 वर्षीय दुष्यंत वर्मा और आनी निवासी 24 वर्षीय अक्षय शर्मा पुलिस के हत्थे चढ़े। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से 6.5 ग्राम हेरोइन चिट्टा बरामद किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह पता लगाने पर फोकस किया कि चिट्टा उनके पास आखिर पहुंचा कहां से था।
फोन कॉल और पैसों के लेन-देन ने खोला पंजाब का रास्ता
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संपर्क में मौजूद लोगों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में 10,500 रुपये के कथित लेन-देन और फोन कॉल की डिटेल से सप्लाई की कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस जांच के अनुसार इन कड़ियों का एक सिरा पंजाब के फाजिल्का तक पहुंच रहा था।
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फाजिल्का के मोजेवाला गांव से अजय कुमार गिरफ्तार
जांच में फाजिल्का निवासी 24 वर्षीय अजय कुमार का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक अजय ने फाजिल्का से चिट्टा हासिल करने के बाद मोहाली में अक्षय शर्मा को इसकी सप्लाई की थी। इसके बाद ढली थाना पुलिस की टीम ने पंजाब में कार्रवाई करते हुए 14 सितंबर को फाजिल्का के मोजेवाला गांव से अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
सदर थाने के मामले ने चंडीगढ़ तक पहुंचाई जांच
दूसरी कार्रवाई शिमला सदर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले से जुड़ी है। 8 सितंबर को पुलिस ने कृष्णानगर निवासी 25 वर्षीय सनमजीत और 22 वर्षीय सुमित सपरा को 5 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों से पूछताछ के दौरान पुलिस को नशे की सप्लाई से जुड़े आगे के लिंक मिले। इन सुरागों को जोड़ते हुए जांच चंडीगढ़ तक पहुंची और पुलिस ने वहां एक अन्य कथित मुख्य सप्लायर को दबोच लिया।
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सरकारी बैंक कर्मचारी पर चिट्टा बेचने का आरोप
इस मामले में पुलिस ने मनीमाजरा निवासी 31 वर्षीय गौरव तिशावर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गौरव एक सहकारी बैंक में नौकरी करता है। उस पर आरोप है कि वह नौकरी करने के साथ-साथ चिट्टे की बिक्री से भी आर्थिक लाभ कमा रहा था। नशे के कारोबार से जुड़े मामले में एक बैंक कर्मचारी का नाम सामने आना इस कार्रवाई का खास पहलू माना जा रहा है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।
घर की तलाशी में मिला 9.31 ग्राम अतिरिक्त चिट्टा
पुलिस ने गौरव तिशावर के मनीमाजरा स्थित घर की तलाशी ली। इस दौरान पुलिस के मुताबिक 9.31 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस इस मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और चंडीगढ़ से शिमला तक नशे की सप्लाई किस तरीके से पहुंचाई जा रही थी।
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शिमला से बाहर तक फैली सप्लाई चेन की कड़ियां
इन दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि शिमला में चिट्टे के साथ पकड़े गए युवकों से पूछताछ के बाद जांच को सप्लाई के पिछले लिंक तक ले जाया गया। एक मामले में पुलिस पंजाब के फाजिल्का पहुंची, जबकि दूसरे मामले में जांच चंडीगढ़ के मनीमाजरा तक पहुंची। इससे साफ है कि पुलिस अब केवल नशा रखने या सेवन करने वालों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर सप्लाई नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने की दिशा में जांच कर रही है।
बैकवर्ड लिंक से नेटवर्क की अगली कड़ियां तलाशेगी पुलिस
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब आगे बढ़ने की संभावना है। रिमांड और पूछताछ के दौरान पुलिस नशे की खरीद, पैसों के लेन-देन, मोबाइल संपर्क और सप्लाई के रास्तों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा सकती है। पुलिस का फोकस उन कड़ियों की पहचान करने पर है, जिनके जरिए चिट्टा पंजाब और चंडीगढ़ से शिमला तथा हिमाचल के अन्य हिस्सों तक पहुंच रहा है।
