#अपराध
September 14, 2026
हिमाचल : पिता पर 6 केस, अब 16 साल का बेटा भी निकला चिट्टा तस्कर- पुलिस को घर से मिली खेप
घर पर पहुंची पुलिस, लड़के ने बाथरूम में खुद को किया लॉक
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में नशे के कारोबार से जुड़ा एक मामला सामने आया है- जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जाहू क्षेत्र में चिट्टा तस्करी के आरोपी व्यक्ति के घर से चिट्टा बरामद हुआ है।
इतना ही नहीं तलाशी के दौरान पुलिस को घर में दो डिजिटल वेइंग मशीनें और जले हुए करंसी नोट भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस की जांच अब केवल बरामद नशीले पदार्थ तक सीमित नहीं है- बल्कि 16 वर्षीय नाबालिग की भूमिका, उसके नशे के सेवन और उसे कथित तौर पर नशे की सप्लाई से जोड़कर इस्तेमाल किए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, बरामदगी के बाद नाबालिग को बाल सुधार गृह ऊना भेज दिया गया है। पुलिस ने उसका मेडिकल करवाने के बाद रक्त का नमूना जांच के लिए RFSL लैब भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाबालिग ने किसी नशीले पदार्थ का सेवन किया था या नहीं।
बताया जा रहा है कि शनिवार को पुलिस टीम ने जाहू क्षेत्र में संबंधित घर पर दबिश दी। तलाशी की कार्रवाई के दौरान 16 वर्षीय नाबालिग ने खुद को वॉशरूम के अंदर बंद कर लिया। पुलिस ने उसे बाहर निकाला और इसके बाद घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को वॉशिंग मशीन के नीचे छिपाकर रखा गया 5.82 ग्राम चिट्टा मिला। इसके अलावा घर से दो डिजिटल वेइंग मशीनें भी बरामद हुईं। मौके पर कुछ जले हुए करंसी नोट भी मिले, जिसके बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशीला पदार्थ घर में किस उद्देश्य से रखा गया था और इन सामानों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था।
पुलिस को मिली दो डिजिटल वेइंग मशीनों को भी जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुरुआती तौर पर आशंका है कि इनका इस्तेमाल नशीले पदार्थ को तौलने के लिए किया जाता रहा हो सकता है। इसी तरह जले हुए नोटों को लेकर भी पुलिस अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नाबालिग के पास चिट्टा कैसे पहुंचा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या 16 वर्षीय किशोर स्वयं नशे का सेवन करता था या फिर उसे नशीले पदार्थ की बिक्री अथवा सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल करवाया है और उसका रक्त नमूना आरएफएसएल लैब भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नशे के सेवन से जुड़े पहलू की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नाबालिग को नशीला पदार्थ कहां से मिला और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
मामले को गंभीर बनाने वाला एक अहम पहलू यह भी है कि नाबालिग के पिता के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब पांच से छह मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान उसके हिमाचल प्रदेश से बाहर के चिट्टा तस्करों के साथ संपर्क की बात भी सामने आई है।
अब पुलिस मौजूदा बरामदगी को पुराने मामलों से जोड़कर देख रही है। जांच की जा रही है कि कहीं पहले से चल रहे नशे के नेटवर्क का संबंध इस बरामदगी से तो नहीं है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नाबालिग इस पूरे मामले में किस तरह और किन परिस्थितियों में शामिल हुआ।
पुलिस को जाहू और आसपास के क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों तथा नाबालिगों तक चिट्टा पहुंचाए जाने की शिकायतें भी मिली थीं। ऐसे में घर से नशीले पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद 5.82 ग्राम चिट्टा केवल व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए था या इसे आगे सप्लाई करने की तैयारी थी। डिजिटल वेइंग मशीनों की बरामदगी ने इस दिशा में पुलिस की जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
मामले की जांच के सिलसिले में रविवार को नाबालिग के पिता को भोरंज थाना में बुलाया गया। पुलिस ने उससे पूछताछ कर मौजूदा बरामदगी और पुराने मामलों से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस पुराने NDPSस मामलों में सामने आए तथ्यों और मौजूदा केस के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है। खास तौर पर बाहरी राज्यों के कथित तस्करों से संपर्क और उनके जरिए चिट्टा की सप्लाई से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई के बाद 16 वर्षीय नाबालिग को बाल सुधार गृह ऊना भेज दिया गया है। नाबालिग होने के कारण मामले में उससे संबंधित कार्रवाई किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के तहत की जा रही है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि नाबालिग की भूमिका क्या थी और वह नशे के संपर्क में कैसे आया।
SP हमीरपुर बलवीर ठाकुर के अनुसार, नाबालिग के पिता पर पहले से एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। मौजूदा मामले में भी पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पुराने मामलों, बाहरी राज्य के कथित नशा तस्करों से संपर्क और घर से हुई बरामदगी के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और नाबालिग की मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद चिट्टा कहां से आया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है।