#अपराध
September 15, 2026
टांडा अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदी युवती, मौके पर ही तोड़ा दम- इलाज के लिए हुई थी भर्ती
वार्ड में शिफ्ट करते समय अचानक भागी
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां टांडा अस्पताल में भर्ती एक 27 वर्षीय युवती ने चौथी मंजिल से छलांग लगा कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी है। घटना सुबह-सवेरे 5 बजे पेश आई है। इस घटना के बाद परिजनों समेत अस्पताल में मौजूद मरीजों और अन्य लोगों में हड़कंप गया।
मामले में हैरान कर देने वाली बात ये है कि युवती ने बीते कल घर पर किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। जिसके बाद परिजनों द्वारा उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए टांडा अस्पताल लाया गया था। जहां उपचार के दौरान उसने मौके पर मौजूद परिजनों और स्टाफ को चकमा देकर खिड़की से छलांग लगा दी।
उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती किया और रातभर उसकी निगरानी की। इलाज के बाद सुबह उसकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही थी।
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 5 बजे युवती की हालत स्थिर होने पर उसे ICU से मेडिसिन विभाग के जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था।
इसी दौरान वह अचानक स्टाफ और परिजनों की नजरों से बचकर वहां से भाग गई। इसके बाद उसने अस्पताल की चौथी मंजिल की खिड़की से छलांग लगा दी। ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। DSP कांगड़ा राजेश शर्मा ने बताया कि टांडा पुलिस से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवाया। मामला धीरा पुलिस चौकी क्षेत्र का होने के कारण धीरा पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद युवती का शव परिजनों को सौंप दिया है। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि युवती ने पहले जहरीला पदार्थ क्यों खाया था और अस्पताल में इलाज के दौरान उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
इस घटना के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि करीब 7-8 साल पहले भी अस्पताल की चौथी मंजिल से एक मरीज ने छलांग लगाकर जान दे दी थी। उस घटना के बाद अस्पताल के बरामदों और बालकनी में लोहे की जालियां लगाई गई थीं।
अस्पताल की कुछ खिड़कियां जमीन से करीब 3-4 फुट की ऊंचाई पर हैं और इनमें सुरक्षा जाली नहीं लगी हुई है। घटना के बाद अब अस्पताल की सभी खिड़कियों पर सुरक्षा जालियां लगाने की मांग और तेज हो गई है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।