सोलन। हिमाचल प्रदेश की एक महिला शिक्षिका की आत्महत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कालका क्षेत्र में किराए के कमरे में मृत पाई गई शिक्षिका अनिता की डायरी और उसमें मिले कथित सुसाइड नोट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
शिक्षिका ने किया सुसाइड
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिक्षिका अपने वैवाहिक जीवन में लंबे समय से मानसिक तनाव का सामना कर रही थी। मामले में पुलिस ने मृतका के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति रघुवीर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाना है, जबकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में जुटी हुई है।
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डायरी में दर्ज मिला दर्द और आरोप
पुलिस जांच के दौरान शिक्षिका के कमरे से एक निजी डायरी बरामद हुई। डायरी में लिखे गए कथित सुसाइड नोट में महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट के अनुसार, वह स्वयं को पति और अपनी एक महिला मित्र के व्यवहार से मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही थी।
सुसाइड नोट ने खोला राज
डायरी में लिखा गया है कि उसका पति उसकी ही एक करीबी दोस्त के साथ संबंधों में था और दोनों मिलकर उसे मानसिक रूप से परेशान करते थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसे अपमानजनक शब्द कहे जाते थे और लगातार मानसिक दबाव में रखा जाता था।
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पति के कथित अफेयर से परेशान थी शिक्षिका
जांच में सामने आया है कि अनिता की नौकरी लगने के बाद उसकी एक अन्य महिला शिक्षिका से दोस्ती हुई थी। बताया जा रहा है कि बाद में उसी महिला का संपर्क अनिता के पति से हुआ और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोबाइल चैट और अन्य तथ्यों के आधार पर अनिता को कथित संबंधों की जानकारी मिली थी। इसके बाद परिवार में लगातार तनाव बना रहा। मृतका के परिजनों का आरोप है कि कई बार समझौते के प्रयास किए गए, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।
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पति पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप
मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि रघुवीर अपनी पत्नी के सामने ही दूसरी महिला से फोन पर बातचीत करता था। इससे अनिता को गहरा मानसिक आघात पहुंचता था। परिवार का कहना है कि शिक्षिका लंबे समय से अवसाद और तनाव में रह रही थी।
शिक्षिका ने लिखा दुख
सुसाइड नोट में भी महिला ने लिखा है कि उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। उसने अपने जीवन को अत्यधिक कठिन और असहनीय बताया है।
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बच्चे को लेकर भी जताई चिंता
डायरी में महिला ने अपने बेटे को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उसने आरोप लगाया कि बच्चे के स्वास्थ्य और देखभाल को लेकर भी गंभीर समस्याएं थीं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
2012 में हुई थी शादी
अनिता मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बरयाल गांव की रहने वाली थीं। वर्ष 2012 में उनकी शादी सिरमौर जिले के सरावा गांव निवासी रघुवीर से हुई थी। शादी के दो वर्ष बाद उनके घर बेटे का जन्म हुआ। विवाह के बाद दंपति गुरुग्राम में रह रहे थे। अगस्त 2024 में अनिता की नियुक्ति बतौर जेबीटी शिक्षिका हुई, जिसके बाद वह कालका में किराए के मकान में रहने लगी थीं।
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20 जून को हुआ था विवाद, 22 जून को मिला शव
पुलिस को आशंका है कि पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद 20 जून के आसपास यह दुखद घटना हुई होगी। 22 जून को जब परिजन कमरे में पहुंचे तो अनिता फंदे से लटकी हुई मिलीं। शव की स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि मौत दो दिन पहले हो चुकी थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को पैतृक गांव ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस जांच जारी
पुलिस टीम ने सुसाइड नोट और मृतका के परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, पुलिस टीम द्वारा मृतका के पति से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए एक गंभीर संदेश
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मानसिक प्रताड़ना, वैवाहिक तनाव और भावनात्मक उपेक्षा किस तरह किसी व्यक्ति को अंदर से तोड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवादों का समय रहते समाधान, संवाद और मानसिक स्वास्थ्य सहायता ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
