#अपराध
August 5, 2026
हिमाचल : चोरों ने घर की तिजोरी से चुराए 9 लाख के गहने, आगे 15 हजार में बेचे- पुलिस ने 3 दबोचे
घर खाली देखकर चोरों ने किया हाथ साफ
शेयर करें:

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में चोरी की एक बड़ी वारदात का पुलिस ने तेजी से खुलासा किया है। पंचरुखी पुलिस ने भरवाना पंचायत के भुआणा गांव में हुई करीब 9 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहनों की चोरी के मामले को महज 24 घंटे के अंदर सुलझा लिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में ऐसे खुलासे हुए जिसने सभी को हैरान कर दिया।
चोरी की यह वारदात भुआणा निवासी श्रवण कुमार के घर में हुई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार रात श्रवण कुमार और उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार बैजनाथ में अपने ससुराल में आयोजित जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया हुआ था। इसी बात का फायदा उठाकर चोरों ने घर को निशाना बनाया और ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के लाखों रुपये के गहने चोरी कर लिए।
जब परिवार कार्यक्रम से वापस घर लौटा तो उन्हें घर का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखने पर सामान बिखरा पड़ा था और घर में रखे गहने गायब थे। इसके बाद परिवार ने मामले की सूचना पुलिस को दी। करीब 9 लाख रुपये के गहने चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद पंचरुखी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
पंचरुखी थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने चोरी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरदीप सिंह, कालू राम और बॉबी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों बैजनाथ में बिनवा खड्ड के पास रेलवे पुल के नीचे बनी झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं। इनमें गुरदीप सिंह और कालू राम आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी पिछले करीब 40 साल से बैजनाथ इलाके में रह रहे हैं और दूसरे राज्य के परिवारों से संबंध रखते हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं। बैजनाथ थाना और जोगिंद्रनगर थाना में भी इनके खिलाफ चोरी से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस अब इनके पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। आरोपियों ने बताया कि तीनों ने सबसे पहले बैजनाथ में बैठकर चोरी की योजना बनाई थी। इसके बाद वे एक बिना नंबर की बाइक लेकर चोरी करने के लिए निकले। उनका मकसद ऐसे घरों को निशाना बनाना था, जहां रात के समय कोई मौजूद न हो।
चोरी के लिए निकलने के बाद तीनों आरोपी नागटा पंचायत पहुंचे। यहां उन्होंने एक ऐसे घर को निशाना बनाया, जिसमें उस समय कोई मौजूद नहीं था। आरोपियों ने घर का ताला तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वहां से कोई खास सामान नहीं मिला। इसके बाद तीनों वहां से निकल गए और दूसरे घर की तलाश करने लगे।
नागटा में कुछ हाथ नहीं लगने के बाद तीनों आरोपी भरवाना पंचायत के भुआणा गांव पहुंचे। यहां उन्हें एक ऐसा घर मिला, जिसके बारे में उन्हें लगा कि वह खाली है। आरोपियों ने घर का ताला तोड़ा और अंदर घुसकर सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। पुलिस के अनुसार चोरी किए गए गहनों की कीमत करीब 9 लाख रुपये थी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक से वापस बैजनाथ स्थित अपनी झुग्गी में चले गए।
चोरी की शिकायत मिलने के बाद पंचरुखी पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस ने संदिग्ध लोगों की आवाजाही और बाइक की जानकारी जुटाई। CCTV फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें बैजनाथ से गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने करीब 24 घंटे के अंदर ही मामले को सुलझा लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी करने के बाद उन्होंने सोने-चांदी के गहने बैजनाथ के ही एक व्यक्ति को बेच दिए थे। हैरानी की बात यह है कि करीब 9 लाख रुपये कीमत के बताए जा रहे गहनों के बदले उन्हें सिर्फ 15 हजार रुपये मिले। तीनों आरोपियों ने इस रकम को आपस में बांट लिया और प्रत्येक आरोपी के हिस्से में 5-5 हजार रुपये आए।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चोरी किए गए गहनों को बरामद करना है। आरोपियों ने जिस व्यक्ति को गहने बेचने की बात कही है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे गहने चोरी के होने की जानकारी थी या नहीं। पुलिस जल्द ही चोरी के सामान को बरामद करने का दावा कर रही है।
पुलिस को पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी पहले भी चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इनका संबंध इलाके में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से तो नहीं है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करने का अपना तरीका भी बताया है। आरोपियों के अनुसार वे दिन के समय कभी-कभी दिहाड़ी मजदूरी करते थे। इसके अलावा मंगलवार और शनिवार को भगवान का वेश यानी बहुरूपिया बनकर गांव-गांव जाते थे। इसी दौरान वे अलग-अलग घरों पर नजर रखते थे और यह पता लगाते थे कि कौन सा घर खाली है और किस घर में रात के समय चोरी की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार आरोपी भगवान के वेश में गांवों में घूमते समय लोगों से पैसे मांगने के बहाने घरों की जानकारी लेते थे। इस दौरान वे यह भी देखते थे कि घर में कितने लोग रहते हैं, कौन सा घर दिन में या रात में खाली रहता है और किस घर को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। इसके बाद मौका देखकर रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने एक और वारदात की जानकारी दी है। आरोपियों ने बताया कि रविवार को उन्होंने लम्लेहड़ पंचायत के मट्ट गांव में भी एक घर में चोरी करने की योजना बनाई थी। वे चोरी के इरादे से वहां पहुंचे थे, लेकिन घर के लोगों के जाग जाने के कारण उनका प्लान कामयाब नहीं हो पाया।
मट्ट गांव में जब घर के लोगों को कुछ हलचल महसूस हुई तो वे जाग गए। इसके बाद गांव में शोर मच गया। लोगों के जागने और शोर होने के बाद आरोपी डर गए और बिना चोरी किए ही मौके से भाग निकले। पुलिस अब इस घटना की भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी पहले कितनी जगहों पर चोरी की कोशिश कर चुके हैं।
पंचरुखी पुलिस अब तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है। पुलिस मामले की गहराई से जांच करने के लिए आरोपियों का रिमांड मांग सकती है। रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी किए गए गहनों के बारे में पूछताछ की जाएगी और यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उन्होंने अब तक कितनी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है।
थाना पंचरुखी प्रभारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदात को कबूल किया है। पुलिस चोरी किए गए सामान को बरामद करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले में अगर किसी और व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों से जुड़े पुराने मामलों और अन्य चोरी की घटनाओं को लेकर भी जांच कर रही है।