#अपराध
August 8, 2026
हिमाचल: 7 माह की गर्भवती पत्नी पर बेरहम पति ने बरपाया कहर, लात-घूंसों से उजाड़ दी कोख
दुनिया में आने से पहले ही तोड़ दिया मासूम ने दम, पुलिस के पहरे में हो रहा महिला का इलाज
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला से एक सनसनीखेज और इंसानियत को झकझोर कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक सात माह की गर्भवती महिला के साथ उसके पति ने ऐसी हैवानियत की कि उसकी कोख ही उजाड़ दी। पति की बेरहमी से मारपीट के चलते महिला का गर्भपात हो गयाए इस दुनिया में आने से पहले ही एक पिता ने अपने ही बच्चे को मां की कोख में मार डाला।
घटना के बाद पीड़िता ने अपनी मां के साथ पुलिस थाना तीसा पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। उसके पहले से छह बच्चे हैं और इस बार वह सात महीने की गर्भवती थी। करीब पांच-छह दिन पहले वह जंगल से घास लेकर घर की ओर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसके पति ने उसे रोक लिया। महिला का आरोप है कि पति ने बिना किसी परवाह के उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। गर्भ में सात महीने का बच्चा होने के बावजूद आरोपी ने कथित तौर पर लात-घूंसों से उसे पीटा। महिला किसी तरह वहां से घर पहुंची, लेकिन इसके बाद भी उसके साथ कथित प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं।
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लगातार घरेलू प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने मायके जाने का फैसला किया। लेकिन पीड़िता के मुताबिक वह अपने मायके की ओर जा रही थी तभी पति ने उसे दोबारा रास्ते में रोक लिया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने एक बार फिर उसके साथ मारपीट की। इस हमले के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसे अंदरूनी चोटों के साथ रक्तस्राव होने लगा। दर्द और भय के बीच महिला किसी तरह अपने मायके पहुंची और अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर पुलिस थाना तीसा पहुंची और पुलिस को शिकायत दी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता को तत्काल सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया। पीड़िता का उपचार महिला पुलिस कर्मियों की निगरानी में किया जा रहा था। चिकित्सकों ने गर्भ को बचाने के लिए उपचार किया, लेकिन महिला की गंभीर स्थिति और चोटों के बीच आखिरकार वह उम्मीद भी टूट गई, जिसे परिवार सात महीने से संजोए हुए था।
इलाज के दौरान 6 अगस्त को पीड़िता का गर्भपात हो गया। सात महीने से मां की कोख में पल रहा बच्चा दुनिया में जन्म लेने से पहले ही दम तोड़ गया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बच्चे के जन्म का परिवार इंतजार कर रहा था, वह कथित मारपीट के बाद पैदा होने से पहले ही दुनिया से चला गया। एक पिता पर अपने ही अजन्मे बच्चे की जिंदगी खत्म करने जैसे गंभीर आरोप ने पूरे मामले को और भी झकझोर देने वाला बना दिया है। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता और घटना के सभी पहलुओं का खुलासा पुलिस जांच तथा मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा।
पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही उसके उपचार और मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के साथ मारपीट किन परिस्थितियों में हुई, दोनों घटनाओं के बीच क्या परिस्थितियां थीं और महिला को आई चोटों तथा गर्भपात के बीच क्या चिकित्सकीय संबंध है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।