बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने अमृतसर से बिलासपुर तक सक्रिय चिट्टे के सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब लाखों रुपयों का चिट्टा और नकदी बरामद की है।
नाकाबंदी के दौरान 5 लोग पकड़े गए
पुलिस के अनुसार 21 अगस्त को धराड़सानी हार, झंडूता में नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान पुलिस ने हिमाचल नंबर की एक गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी में पांच लोग सवार थे। तलाशी लेने पर उनके पास से करीब 132 ग्राम चिट्टा और 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए।
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इस मामले में पुलिस ने रविंद्र कुमार निवासी बैरी दड़ोला, झंडूता, रणजीत सिंह निवासी मंडयाला, अमृतसर, उसके बेटे विशाल सिंह, आकाशदीप सिंह और आशुतोष चंदेल उर्फ अंकुश निवासी बैहना जट्टां को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ झंडूता थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पूछताछ में सामने आया पूरा सप्लाई नेटवर्क
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू की। जांच में पता चला कि अमृतसर से चिट्टा बिलासपुर लाया जाता था और फिर स्थानीय लोगों के जरिए अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
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पुलिस के मुताबिक रणजीत सिंह और उसका बेटा आकाशदीप अमृतसर से चिट्टे की सप्लाई से जुड़े थे। वहीं विशाल सिंह चिट्टा अमृतसर से बिलासपुर लाकर स्थानीय पेडलर्स को देता था। इसके बाद रविंद्र कुमार, आशुतोष चंदेल उर्फ अंकुश और प्रवेश गुप्ता के जरिए इसे आगे ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।
घर पर छापेमारी में भी मिला चिट्टा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विशाल सिंह काफी समय से आशुतोष चंदेल उर्फ अंकुश के बैहना जट्टां स्थित घर में रह रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की। यहां से करीब 41 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
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इसके बाद पुलिस ने प्रवेश गुप्ता के घुमारवीं स्थित घर पर भी दबिश दी। यहां से करीब 2.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। धराड़सानी में हुई बरामदगी को मिलाकर पुलिस ने अब तक कुल करीब 175.5 ग्राम चिट्टा और 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद किए गए चिट्टे की कीमत 18 लाख की बताई जा रही है।
झंडूता से घुमारवीं तक फैला था नेटवर्क
SP बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल एक इलाके तक सीमित नहीं था। इसकी गतिविधियां झंडूता, घुमारवीं और बिलासपुर सदर क्षेत्र तक फैली हुई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
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कुछ आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं-
रविंद्र कुमार के खिलाफ 2015 में सदर बिलासपुर थाने में हत्या समेत कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा 2018 में झंडूता और सदर बिलासपुर थाने में मारपीट और हथियार अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हुए थे। 2025 में उसके खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत भी मामला दर्ज हुआ था।
प्रवेश गुप्ता और आकाशदीप पर भी पुराने केस
प्रवेश गुप्ता के खिलाफ 2013 में गंभीर आपराधिक धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा 2021 में पशु क्रूरता अधिनियम और 2024 में झंडूता थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पाया गया।
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वहीं आकाशदीप के खिलाफ 2023 में अमृतसर के चाटीविंड थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा 2026 में घुमारवीं थाने में भी उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस की आगे भी जांच जारी
एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने कहा कि पुलिस ने अमृतसर से बिलासपुर तक चल रहे एक बड़े चिट्टा सप्लाई नेटवर्क को पकड़ा है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
