#अपराध

August 22, 2026

हिमाचल: गर्भवती प्रेमिका को जूस में पिलाया ज*ह*र, खड्ड में दफन की देह; अब पूरी उम्र जेल में कटेगी

आरोपी ने यूट्यूब पर खोजी थी गर्भपात की जानकारी, छह साल बाद मिला इंसाफ

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hamirpur crime News

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से सामने आया एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला, जिसकी कहानी सुनकर आज भी लोगों की रूह कांप उठती है। जिस युवक के साथ युवती ने प्रेम का रिश्ता बनाया, उसी पर भरोसा उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। अभियोजन के अनुसार, प्रेमी ने अपनी गर्भवती प्रेमिका को कथित तौर पर धोखे से जहर पिला दिया और उसकी मौत के बाद शव को खड्ड किनारे जमीन में दफन कर दिया।

 

करीब छह साल पुराने इस मामले में अब अदालत ने आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ डिंपल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सचिन रघु की अदालत ने हत्या के दोष में उम्रकैद के साथ 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं साक्ष्य मिटाने के अपराध में दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

प्यार, भरोसा और फिर खौफनाक साजिश

मामला वर्ष 2020 का है। युवती अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने कई चौंकाने वाली बातें आईं। पुलिस जांच में पता चला कि युवती गर्भवती थी और उसके आरोपी अभिषेक शर्मा के साथ संबंध थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 8 मई 2020 को आरोपी ने युवती को कोल्ड ड्रिंक में कथित तौर पर जहर पिला दिया। जहरीला पदार्थ शरीर में जाने के बाद युवती की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे खड्ड के किनारे जमीन में दफन कर दिया। एक तरफ परिवार अपनी बेटी की तलाश में भटक रहा था, वहीं दूसरी ओर उसकी हत्या का राज जमीन के नीचे दफन था।

 

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क्रिकेट खेल रहे युवकों को मिला ऐसा सुराग

इस मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब युवती का मोबाइल कवर कुछ युवकों को मिला। बताया गया कि क्षेत्र में कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान उन्हें युवती के मोबाइल का कवर दिखाई दिया। मोबाइल कवर मिलने की जानकारी पुलिस तक पहुंची। युवती के परिजनों को पहले से ही कुछ लोगों पर संदेह था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अभिषेक को पूछताछ के लिए बुलाया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे और आरोपी ने अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई।

 

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आरोपी की निशानदेही पर खड्ड से मिला कंकाल

पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी को उस स्थान पर लेकर गई, जहां उसने शव को दफन करने की बात बताई थी। आरोपी की निशानदेही पर खड्ड से युवती का कंकाल बरामद किया गया। मामला इतना पुराना होने के कारण मृतका की पहचान की पुष्टि के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला जुन्गा में डीएनए परीक्षण कराया गया। बरामद खोपड़ी और दांतों से प्राप्त डीएनए का मिलान मृतका के माता-पिता के डीएनए से कराया गया, जिसमें दोनों का मिलान हो गया। इससे बरामद अवशेषों की पहचान मृतका के रूप में पुष्ट हुई।

 

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आरोपी ने यूट्यूब पर खोजी थी गर्भपात की जानकारी

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल से डिजिटल साक्ष्य भी मिले। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले आरोपी ने गूगल और यूट्यूब पर गर्भपात तथा अपराध के बाद साक्ष्य मिटाने से जुड़ी जानकारी तलाश की थी। डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ पुलिस ने अन्य परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोपी के खिलाफ मामला मजबूती से रखा।

अब मिली उम्रकैद की सजा

करीब छह वर्ष तक चले इस मामले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर अभिषेक शर्मा उर्फ डिंपल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत दोषी ठहराया। हत्या के दोष में अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य मिटाने के अपराध में दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माने का आदेश दिया गया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अजय ठाकुर ने अदालत में पैरवी की।

 

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बेटी को मिला इंसाफ

एक बेटी के अचानक गायब होने से शुरू हुई परिजनों की तलाश आखिरकार अदालत के फैसले तक पहुंची। जिस युवती का शव वर्षों तक खड्ड किनारे जमीन में दफन रहा, उसकी पहचान वैज्ञानिक जांच के जरिए हुई और अब उसकी हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा मिली है। इस मामले ने एक बार फिर दिखाया कि अपराधी कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन वैज्ञानिक जांच, डिजिटल साक्ष्य और पुलिस की पड़ताल से सच लंबे समय तक छिपा नहीं रह सकता। अदालत का फैसला मृतका के परिवार के लिए वर्षों से चले आ रहे दर्द और इंतजार के बीच इंसाफ की एक बड़ी उम्मीद के तौर पर सामने आया है।

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