#अपराध
August 23, 2026
हिमाचल : महिला प्रोफेसर की मायके में मौ..त- ससुरालवाले छुड़वाना चाहते थे नौकरी, सास-ननद गिरफ्तार
निजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थी नेहा
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कांगड़ा। जिस बेटी को माता-पिता ने पढ़ाया-लिखाया, अपने पैरों पर खड़ा किया और जिसे देखकर उन्हें अपने सपनों के पूरा होने का गर्व था, वही बेटी मायके लौटने के कुछ ही घंटों बाद हमेशा के लिए खामोश हो गई।
34 वर्षीय नेहा अभिलाषी शुक्रवार को अपने मायके पहुंची थीं। परिजन बताते हैं कि वह बिल्कुल सामान्य थीं, घर में हंस-बोल रही थीं। फिर अचानक एक महिला का फोन आया। फोन पर बातचीत के बाद नेहा अपने कमरे में चली गईं और कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मामला कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां की ग्राम पंचायत कबाड़ी का है। मृतका नेहा अभिलाषी पुत्री रविकांत अभिलाषी थीं और चंडीगढ़-मोहाली के एक निजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थीं। मामले में पुलिस ने नेहा के पिता की शिकायत के आधार पर उनकी सास और ननद को गिरफ्तार किया है।
नेहा को उनके पिता ने बचपन से ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। वह पढ़ाई में बेहद होनहार थीं। उन्होंने एमएससी नर्सिंग एवं मेडिकल सर्जरी की डिग्री हासिल की थी और आगे चलकर सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी पहचान बनाई।
नेहा की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने नर्सिंग विषय से जुड़ी तीन किताबें भी लिखी थीं, जो अभी प्रकाशित होनी बाकी थीं। परिवार के लिए वह सिर्फ बेटी नहीं, बल्कि उनकी उम्मीदों और सपनों का चेहरा थीं। लेकिन शादी के बाद उनकी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ने का आरोप है।
नेहा की शादी वर्ष 2024 में शाहपुर तहसील के चंदरूह मंझयार निवासी वागीश राज चौधरी से हुई थी। पिता रविकांत अभिलाषी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से नेहा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
पिता का आरोप है कि नेहा पर नौकरी छोड़कर घर संभालने का दबाव बनाया जाता था। इसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में पति वागीश राज, ससुर दिनेश राज, सास निर्मला देवी, ननद और नंदोई के नाम बताए गए हैं। मृतका का पति फिलहाल बेंगलुरु में नौकरी करता बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार नेहा मंगलवार को ससुराल गई थीं और शुक्रवार को ही वापस मायके लौटी थीं। घर पहुंचने के बाद वह सामान्य थीं। किसी ने शायद नहीं सोचा होगा कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा।
परिजनों के मुताबिक एक महिला का फोन आने के बाद नेहा अपने कमरे में चली गईं। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शनिवार को चामुंडा नंदिकेश्वर श्मशानघाट में नेहा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिस बेटी को परिवार ने बड़े अरमानों से पढ़ाया और जिसने अपनी मेहनत से परिवार का नाम रोशन किया, उसे इतनी कम उम्र में अंतिम विदाई देनी पड़ी।
थाना प्रभारी संजीव कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मायका पक्ष की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेहा की सास और ननद को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि नेहा के साथ ससुराल में क्या हुआ था, फोन पर किससे बातचीत हुई और किन परिस्थितियों में उनकी तबीयत बिगड़ी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
नेहा की कहानी सिर्फ एक परिवार के बिखरने की कहानी नहीं है। यह उस बेटी की कहानी है जिसने पढ़ाई की, नौकरी हासिल की, किताबें लिखीं और अपने दम पर पहचान बनाई। परिवार के लिए उसकी उपलब्धियां अभी और बड़ी होने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही एक घर की हंसी मातम में बदल गई।