हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर के सुजानपुर से सामने आया है, जहां विदेश भेजने और वीजा लगवाने का झांसा देकर एक युवक से 3.20 लाख रुपये की कथित ठगी किए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने रकम लेने के बाद उसे फर्जी ऑफर लेटर और अन्य दस्तावेज देकर करीब चार महीने तक अलग-अलग बहाने बनाकर गुमराह किया। मामला सामने आने के बाद सुजानपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विदेश जाने और नौकरी का दिखाया सपना
सुजानपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर दो बाबा स्वरूप गिर मोहल्ला निवासी दोलेश कौरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह आरोपी राजेंद्र सिंह पुत्र मुंशी राम निवासी लंबा गांव बालकरूपी को लंबे समय से जानते थे।
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शिकायत के अनुसार, 24 मई 2026 को विदेश भेजने और वीजा लगवाने को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई। आरोप है कि इसी दौरान विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर शिकायतकर्ता से 3.20 लाख रुपये लिए गए। रकम देने के बाद शिकायतकर्ता को उम्मीद थी कि जल्द ही विदेश जाने और नौकरी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, लेकिन इसके बाद मामला लगातार उलझता चला गया।
फर्जी ऑफर लेटर देकर चार महीने घुमाता रहा शातिर
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने उसे विदेश की नौकरी से संबंधित ऑफर लेटर और अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाए। बाद में दस्तावेजों के सत्यापन का हवाला देकर वीजा आने में देरी की बात कही जाती रही। चार महीने बीतने के बाद भी जब वीजा नहीं आया तो शिकायतकर्ता ने आरोपी से इसकी वजह पूछी। आरोप है कि इसके बाद भी उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला और कथित तौर पर उसे धमकियां दी जाने लगीं।
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पासपोर्ट और बैंक चेक भी अपने पास रखने का आरोप
शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने उसका असली पासपोर्ट अपने पास रख लिया। इसके साथ ही तीन हस्ताक्षरित बैंक चेक भी आरोपी के पास होने की बात शिकायत में कही गई है। यही वजह है कि मामला केवल रकम की कथित ठगी तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
नौकरी के नाम पर ठगी से सतर्क रहने की जरूरत
विदेश जाने और वहां नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह मामला एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है। विदेश में नौकरी, वीजा, वर्क परमिट या ऑफर लेटर दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति या एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी पहचान, पंजीकरण, कंपनी और नौकरी से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है। सिर्फ किसी ऑफर लेटर या व्हाट्सऐप पर भेजे गए दस्तावेज को देखकर भुगतान करना बाद में भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
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आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर सुजानपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी को पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने लाने का प्रयास करेगी कि विदेश भेजने और वीजा लगवाने के नाम पर वास्तव में क्या प्रक्रिया अपनाई गई थी और शिकायतकर्ता से ली गई रकम का क्या हुआ।
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भुगतान से पहले पूरी जांच करने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश में नौकरी या वीजा दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच कर लें। खासकर बेरोजगार युवाओं को विदेश भेजने का सपना दिखाकर जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। फिलहाल सुजानपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
