चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
उनका कहना है कि घायल को समय पर डॉक्टर और उचित उपचार नहीं मिला, जिसके चलते उसकी जान चली गई। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को जांच का भरोसा देकर शांत कराया।
लेंटर से गिरने पर अस्पताल लाया गया था घायल
मृतक की पहचान चुराह उपमंडल के सलवी गांव निवासी जान मुहम्मद के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शनिवार को वह एक निर्माणाधीन भवन के लेंटर से गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। हादसे के तुरंत बाद उन्हें निजी वाहन के माध्यम से चंबा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में भूकंप : सुबह-सवेरे डोली धरती, घरों से बाहर भागे लोग- क्या आपने महसूस किए झटके?
परिजनों का आरोप- घंटों तक नहीं मिला डॉक्टर
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद घायल को लंबे समय तक डॉक्टर नहीं मिला। उनका दावा है कि करीब तीन घंटे तक इलाज शुरू नहीं हो सका, जबकि संबंधित डॉक्टर भी काफी देर बाद अस्पताल पहुंचे। इस दौरान घायल की हालत लगातार बिगड़ती रही और रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद अस्पताल में प्रदर्शन
जान मुहम्मद की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होते और उपचार शुरू कर दिया जाता, तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: मेरी पत्नी को भगा ले गया युवक... पति ने थाने में की शिकायत, गहने - 85 हजार नगद भी ले गई साथ
जांच और कार्रवाई की मांग
परिजनों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर खामियां हैं, जिनकी समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया जांच का भरोसा
हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
जाम में फंस गई थी डॉक्टर
परिजनों के आरोपों के बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि घायल को अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती किया गया था, जहां हड्डी रोग और सर्जरी विशेषज्ञों ने उसकी तत्काल जांच की। उन्होंने कहा कि मरीज की हालत अत्यंत गंभीर थी, इसलिए उसे उच्च संस्थान रेफर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। प्राचार्य के अनुसार, एक विशेषज्ञ चिकित्सक रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम में फंस गई थीं, लेकिन उन्होंने वाहन छोड़कर पैदल अस्पताल पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। डॉ. गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
