कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां एक परिवार का 30 वर्षीय बेटा चार दिन पहले अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बेटे के घर नहीं लौटने के बाद परिवार की चिंता लगातार बढ़ती गई। परिजनों ने पुलिस थाना रैहन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई और अपने स्तर पर भी युवक की तलाश शुरू कर दी। चार दिन तक चली इस तलाश का आखिरकार ऐसा दुखद अंत हुआ, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

चार दिन से गायब था युवक

मामला पुलिस थाना रैहन के अंतर्गत आने वाली छत्र पंचायत का है। 30 वर्षीय वरिंद्र कुमार के अचानक लापता होने के बाद परिवार के लोगों ने उसकी काफी तलाश की। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता और बढ़ती गई। युवक के परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को देते हुए थाना रैहन में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पुलिस भी युवक की तलाश में जुटी हुई थी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : पिकनिक मनाने गया था व्यक्ति, परिवार और दोस्तों के सामने खड्ड मे डूबा

घर से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में मिला सुराग

चार दिन बाद परिजन युवक की तलाश करते हुए घर से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल की तरफ पहुंचे। इसी दौरान उनकी नजर जंगल में स्थित एक कुएं पर पड़ी। कुएं में झांकने पर उन्हें जो दिखाई दिया, उससे उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के अंदर युवक का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद तुरंत पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रैहन सुनील कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने मौके का जायजा लेने के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में युवक के शरीर पर कोई स्पष्ट चोट के निशान सामने नहीं आए हैं। हालांकि, सिर्फ बाहरी स्थिति के आधार पर मौत की वजह तय नहीं की जा सकती।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में भूकंप : देर रात डोली धरती, घरों से बाहर भागे लोग- क्या आपने महसूस किए झटके?

आखिर कुएं तक कैसे पहुंचा युवक? 

युवक की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वरिंद्र कुमार आखिर जंगल में स्थित उस कुएं तक कैसे पहुंचा? क्या वह किसी वजह से खुद वहां गया था? क्या कुएं में गिरने से उसकी मौत हुई? या फिर इस घटना के पीछे कोई और परिस्थिति थी? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस ने किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में भूकंप : देर रात डोली धरती, घरों से बाहर भागे लोग- क्या आपने महसूस किए झटके?

फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए नूरपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मचंद वर्मा भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाने के लिए डीएफयू नूरपुर की टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य तथा नमूने एकत्रित किए। अब इन साक्ष्यों को पुलिस जांच के दौरान अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। एसपी नूरपुर धर्मचंद वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें : राजा वीरभद्र के गढ़ में CM सुक्खू का जलवा : क्या दो गुटों में बंट जाएगा रोहड़ू और रामपुर ?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई। पुलिस अधिकारी भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल के होटल में भिड़े दो गुट, युवक को रॉ**ड से मा**रा- हरियाणा के 7 आरोपी गिरफ्तार

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जिस बेटे को परिवार चार दिन से जिंदा देखने की उम्मीद में तलाश रहा था, उसका शव मिलने के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। लापता होने से लेकर शव मिलने तक परिवार की उम्मीदें बनी हुई थीं, लेकिन जंगल के कुएं से शव बरामद होने के साथ ही यह तलाश एक बेहद दर्दनाक मोड़ पर खत्म हुई।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें