पालमपुर (कांगड़ा)। सीबीएसआई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में हिमाचल प्रदेश की एक बेटी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो शायद इतिहास बन गया है। हिमाचल के कांगड़ा जिला की वंडर गर्ल काशवी ने मात्र 11 साल की उम्र में ही 10वीं की परीक्षा पास कर ली है। इतनी कम आयु में 10वीं की परीक्षा पास करने वाली काशवी सीबीएसई बोर्ड के तहत देश की पहली विद्यार्थी बन गई है।

कांगड़ा के पालमपुर की है वंडर गर्ल काशवी

कांगड़ा जिला के उपमंडल पालमपुर की रहने वाली काशवी ने सीबीएसई द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणाम में 91 प्रतिशत अंक हासिल कर यह उपलब्धि हासिल की है। काशवी ने गणित विषय में 93 अंक, विज्ञान में 92, इंग्लिश में 89, हिंदी में 88, सोशल साइंस में 82 हासिल किए हैं। काशवी की इस उपलब्धि से उसके परिवार में खुशी का माहौल है।

 

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लॉकडाउन में एक साथ तीन कक्षाओं की कर ली थी पढ़ाई

बता दें कि असाधारण प्रतिभा की मालकिन काशवी ने मात्र तीन साल की उम्र में ही भारत के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, भारत के पड़ोसी राज्यों, सौरमंडल के अलावा अन्य महत्तवपूर्ण विषयों की जानकारी हासिल कर ली थी। लॉकडाऊन के दौरान घर पर रहते हुए काशवी ने ना सिर्फ तीसरी कक्षा की पढ़ाई पूरी की बल्कि चौथी और 5वीं कक्षा के पाठ्यक्रम को भी पूरा कर लिया। इसके पश्चात भी काशवी ने अगली कक्षाओं की पढ़ाई जारी रखी। 

 

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कोर्ट के आदेश पर मिला था 8वीं में दाखिला

काशवी की इस अदभुत प्रतिभा को देखते हुए उसके परिवार ने सात साल की उम्र में ही काशवी की 8वीं की परीक्षा दिलवाने की सोची। लेकिन इसमें नियम आड़े आने लगे। नियमानुसार 12 वर्ष की आयु में ही कोई छात्र 8वीं की परीक्षा दे सकता है। ऐसे में परिवार ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेशों पर एक उच्च स्तरीय टीम ने काशवी का टेस्ट लिया, और उसके बाद उसे 8वीं कक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई। काशवी ने 9 साल की उम्र में 91ण्6 प्रतिशत अंकांे के साथ आठवीं कक्षा को पास किया था।

काशवी का आईक्यू स्कोर 154

बता दें कि काशवी बौद्धिक स्तर के पैमाने पर भी चमत्कारी पाई गई थी। साल 2021 में बीकेटी यानि की बिनट कामट टेस्ट में काशवी का आईक्यू स्कोर 13 साल के बच्चे का पाया गया था। उस समय काशवी की उम्र मात्र सात साल थी। काशवी के परिजनों के आग्रह पर उसका विशेषज्ञों की टीम ने बीकेटी टेस्ट किया था। जिसमें काशवी का आईक्यू स्कोर 154 पाया गया था। इतना आईक्यू स्कोर 13 साल के बच्चे में होता है।

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वैज्ञानिक अल्बर्टटआइंस्टीन से भी अधिक आईक्यू स्कोर

बताया जाता है कि करोड़ों में किसी एक का आईक्यू स्कोर 147 का स्तर पाया जाता है जबकि काशवी का आईक्यू का स्तर इससे भी कहीं अधिक है। लगभग इतनाा ही आई क्यू स्कोर प्रख्यात वैज्ञानिक अल्बर्टटआइंस्टीन का पायाा गया था। क्षेत्रीय चिकित्सालय धर्मशाला में काशवी के आईक्यू स्तर की जांच की गई थी, जिसमें उसे जीनियस चाइल्ड की श्रेणी में आईक्यू के आधार पर आंका गया था। 

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