चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के आकांक्षी उपमंडल चुराह की चंपा ठाकुर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय जर्सी में नजर आएंगी। दूसरे महिला कबड्डी विश्व कप के लिए घोषित टीम में चंपा का चयन हो गया है।
महिला विश्व कप में चंपा का सिलेक्शन
चयन की खबर मिलते ही चुराह और पूरे चंबा जिला में खुशी की लहर है। स्थानीय लोग इसे महिला खेल प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। हाल ही में महिला कबड्डी विश्व कप को लेकर आयोजित राष्ट्रीय अंतिम कोचिंग कैंप में देशभर की दर्जनों प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हुई थीं।
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चुराह की रहने वाली हैं चंपा
इस चयनित समूह में हर खिलाड़ी ने अपनी पूरी ताकत और तकनीक दिखाई। डिफेंडर की भूमिका में खेलने वाली चंपा ठाकुर ने अपने मजबूत खेल, फुर्ती और टाइमिंग से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्हें टीम के लिए उसी भूमिका में तैयार किया जा रहा है।
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बांग्लादेश में होगा विश्व कप
इस बार महिला कबड्डी विश्व कप का आयोजन बांग्लादेश में होने जा रहा है। हालाँकि पहले यह टूर्नामेंट भारत में आयोजित होना था और इसी को लेकर देश में दो बार कैंप भी आयोजित हो चुके थे, लेकिन बाद में मेजबानी बदल दी गई। अब भारतीय टीम विदेशी धरती पर तिरंगे का परचम लहराने के लिए तैयारी कर रही है।
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गांव से राष्ट्रीय मंच तक
चंपा ठाकुर ग्राम पंचायत बघेईगढ़ की रहने वाली हैं। लंबे समय से हिमाचल महिला कबड्डी टीम में बतौर डिफेंडर खेल रही हैं। उन्होंने राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा साबित की है-
- 2019 (बिहार): हिमाचल के लिए गोल्ड मेडल, साथ ही बेस्ट प्लेयर चुनी गईं
- 2021 (तेलंगाना): राष्ट्रीय कबड्डी में शानदार प्रदर्शन
- 2022 (पटना): राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता टीम की सदस्य
- राष्ट्रीय खेल 2023: हरियाणा को हराकर हिमाचल को चैंपियन बनाने में प्रमुख भूमिका
- लगातार तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनी हिमाचल टीम का हिस्सा भी चंपा रही हैं। उनकी ताकत घेराबंदी, पकड़ और पलटवार में सटीक समय का इस्तेमाल माना जाता है।
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पिता हैं क्षेत्र के जाने-माने पहलवान
चंपा के पिता रमेश ठाकुर चुराह क्षेत्र में कुश्ती के लिए प्रसिद्ध नाम हैं। वे प्रदेश और जिला स्तरीय दंगल मेलों में अपने प्रदर्शन के लिए पहचाने जाते हैं। खेल उनके परिवार की परंपरा जैसा है। उनका बेटा सुमित ठाकुर भी कम उम्र में ही कई दंगल मुकाबलों में वरिष्ठ पहलवानों को पटखनी दे चुका है।
भारतीय टीम के लिए खेलना सपना था
चंपा ठाकुर ने कहा मैं बचपन से भारतीय जर्सी पहनने का सपना देखती थी। अब यह मौका मिला है, मैं पूरी मेहनत और सम्मान के साथ देश के लिए खेलूंगी और भारत को जीत दिलाने की कोशिश करूंगी। उनके चयन से स्थानीय खिलाड़ियों में नया जोश आया है। खेल प्रशिक्षकों का मानना है कि चंपा की इस उपलब्धि से चुराह और चंबा की युवा बालिकाओं में खेल को लेकर आत्मविश्वास बढ़ेगा।
