मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक युवा ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। संधोल तहसील के लोअर बेरी गांव के सोमांश ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया है।
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने सोमांश
सोमांश बरवाल को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्टिलरी रेजीमेंट में नियुक्ति मिली है। सोमांश की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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नोएडा में रहता है परिवार
सोमांश का परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से संबंध रखता है। हालांकि, उनके पिता मनदीप सिंह के कार्य के कारण परिवार लंबे समय से नोएडा में रह रहा है। बावजूद इसके परिवार का अपने पैतृक गांव लोअर बेरी से गहरा जुड़ाव बना हुआ है।
माता-पिता को बेटे पर गर्व
बेटे के भारतीय सेना में अधिकारी बनने की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता मनदीप सिंह और माता कविता सिंह ने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है।
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बचपन का सपना किया सच
सोमांश ने अपनी प्रारंभिक और स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए कंप्यूटर साइंस में Btech की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उनके सामने तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के कई अवसर थे, लेकिन उनके मन में बचपन से ही देश की सेवा करने का जज्बा था। इसी जुनून और लक्ष्य को लेकर उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का फैसला किया।
सपना पूरा करने के लिए दिन-रात की मेहनत
अपने सपने को साकार करने के लिए सोमांश ने कड़ी मेहनत की और ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में प्रवेश प्राप्त किया। यहां उन्होंने कठोर सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक चुनौतियों और अनुशासन की कठिन कसौटी को पार किया। लंबे और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण के बाद वह सफलतापूर्वक पास आउट हुए और अब भारतीय सेना में एक अधिकारी के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
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दादा की इच्छा को पूरा किया
सोमांश की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उनके परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने वाली भी है। उन्होंने अपने स्वर्गीय दादा कैप्टन पूरन चंद का सपना साकार किया है। कैप्टन पूरन चंद स्वयं भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे और उनकी इच्छा थी कि परिवार की अगली पीढ़ी भी सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे।
आर्मी में कैप्टन थे दादा
आज सोमांश के लेफ्टिनेंट बनने के साथ ही दादा का वह सपना पूरा हो गया है। परिवार के लिए यह क्षण बेहद भावुक और गर्व से भरा हुआ है। एक पीढ़ी ने सेना में देश की सेवा की और अब अगली पीढ़ी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
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पूरे परिवार में खुशी का माहौल
सोमांश की सफलता से उनकी दादी चंदर कांता सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने भी उन्हें इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई दी है। पैतृक गांव लोअर बेरी में भी लोग अपने गांव के बेटे की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
हिमाचल के कई युवा कर रहे देश सेवा
गौरतलब है कि हिमाचल के युवा लगातार सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। सोमांश बरवाल की सफलता भी प्रदेश के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ देश सेवा का सपना देखते हैं। अब लेफ्टिनेंट के रूप में सोमांश भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजीमेंट का हिस्सा बनकर देश की सुरक्षा और सेवा की नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
