#उपलब्धि

September 4, 2026

हिमाचल की 29 वर्षीय सृष्टि शर्मा को राज्य शिक्षक पुरस्कार, नई सोच के साथ किए खास काम

लगातार दूसरे साल मिली बड़ी पहचान

शेयर करें:

Himachal Pradesh news

सिरमौर। आमतौर पर राज्य शिक्षक पुरस्कार का नाम लंबे समय से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों के साथ जोड़ा जाता है, लेकिन सिरमौर की 29 वर्षीय शिक्षिका सृष्टि शर्मा ने इस सोच को बदल दिया है। अपने नए तरीके से पढ़ाने और बच्चों को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित करने के चलते उनका चयन वर्ष 2026 के HP स्टेट टीचर्स अवार्ड की मुख्य सूची में हुआ है। खास बात यह है कि सिरमौर जिले से इस सूची में शामिल होने वाली सृष्टि शर्मा एकमात्र शिक्षिका हैं।

लगातार दूसरे साल मिली बड़ी पहचान

सृष्टि शर्मा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले साल भी उन्हें उनके बेहतर काम के लिए सम्मान मिल चुका है। उस समय शिक्षा विभाग ने मुख्य सूची के अलावा कुछ शिक्षकों को विशेष तौर पर चुना था। इस बार सृष्टि शर्मा का सीधे मुख्य सूची में चयन हुआ है, जिसे उनके लगातार अच्छे काम का नतीजा माना जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें : नेपाल त्रासदी में मौ**त को मात देकर घर लौटा हिमाचल का ज्ञान सिंह, सुनाई आपबीती

बच्चों को नई सोच के लिए करती हैं प्रेरित

सृष्टि शर्मा सिरमौर और सोलन की सीमा के पास स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर में पढ़ाती हैं। वह बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि उन्हें नई चीजें सीखने, अपनी प्रतिभा पहचानने और कुछ नया करने के लिए प्रेरित करती हैं। पढ़ाने के उनके नए और आसान तरीकों के चलते बच्चों के बीच भी उनकी अलग पहचान बनी है।

इसी स्कूल के एक और शिक्षक को मिल चुका है पुरस्कार

यह भी खास बात है कि पिछले साल इसी स्कूल से जुड़े माया राम शर्मा को भी राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला था। अब इसी स्कूल की सृष्टि शर्मा ने भी अपने काम के दम पर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है। महज 29 साल की उम्र में इस सम्मान के लिए चुने जाने से उन्होंने यह साबित किया है कि सफलता के लिए उम्र से ज्यादा जरूरी मेहनत, अच्छी सोच और काम के प्रति लगन है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : गहरी खाई में अनियंत्रित होकर गहरी फॉर्च्यूनर, 7 मासूम थे सवार; मची चीख-पुकार

कम उम्र में बनीं शिक्षा विभाग की युवा शिक्षिका

सृष्टि शर्मा ने कम उम्र में ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना ली थी। साल 2016 में सोलन से जेबीटी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 2019 में शिक्षा विभाग में नियुक्ति के समय वह पच्छाद क्षेत्र की सबसे युवा शिक्षिकाओं में शामिल थीं। नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने पढ़ाई और सीखना जारी रखा।

नौकरी के साथ पूरी की आगे की पढ़ाई

सृष्टि ने इग्नू से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अंग्रेजी में मास्टर्स और बीएड भी किया। उन्होंने खुद को नई तकनीकों और पढ़ाने के नए तरीकों से लगातार अपडेट रखा, ताकि बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और रोचक बनाया जा सके।

 

यह भी पढ़ें :  हिमाचल में मौसम का कहर जारी, 5 सितंबर तक भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी

परिवार से मिले शिक्षण के संस्कार

सृष्टि शर्मा का जन्म 1 जुलाई 1997 को सिरमौर जिले के पच्छाद उपमंडल के सेरपड़ौल गांव में राकेश और अनीता शर्मा के घर हुआ। उनके पिता सोलन के सुल्तानपुर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में संस्कृत के लेक्चरर हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। माना जाता है कि शिक्षण के संस्कार उन्हें परिवार से ही मिले।

पढ़ाई में भी हमेशा आगे रहीं सृष्टि

सृष्टि ने दसवीं की पढ़ाई डीएवी कुमारहट्टी से 92 प्रतिशत अंकों के साथ पूरी की। इसके बाद सुल्तानपुर से जमा दो की परीक्षा 83 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। वर्ष 2016 में डाइट सोलन से 84 प्रतिशत अंकों के साथ जेबीटी प्रशिक्षण पूरा किया और वर्ष 2019 में शिक्षा विभाग में नियुक्त हुईं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल के उपप्रधान सेवानिवृत्त फौजी की गो**ली लगने से थमी सांसे, जंगल में मिली देह

भाई भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे

सृष्टि का परिवार भी शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके बड़े भाई शुभम शर्मा भी पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और वर्तमान में भौतिक विज्ञान में पीएचडी कर रहे हैं। सृष्टि की उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे सिरमौर जिले का नाम भी रोशन किया है।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख