चम्बा। हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा की उड़नपरी सीमा ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। राष्ट्रीय स्तर की एक ही बड़ी प्रतियोगिता में उन्होंने दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि उनकी मेहनत, लगन और जुनून उन्हें लगातार नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ सीमा ने न सिर्फ अपना नाम चमकाया, बल्कि पूरे हिमाचल और देश को भी गर्व से भर दिया है।

देशभर के बेहतरीन एथलीट्स की कड़ी टक्कर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 जून से 28 जून तक ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध कलिंगा स्टेडियम में 65वीं राष्ट्रीय स्तर की इंटरस्टेट सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में देशभर के बेहतरीन एथलीट्स ने हिस्सा लिया और कड़ी टक्कर देखने को मिली।

 

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सीमा ने जिता स्वर्ण पदक

इसी प्रतियोगिता में सीमा ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 34 मिनट 28 सेकंड 75 मिलीसेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनका यह प्रदर्शन न सिर्फ स्वर्ण पदक दिलाने वाला रहा, बल्कि बेहद शानदार और प्रतिस्पर्धी भी माना जा रहा है।

 

एशियन गेम्स चयन में अहम भूमिका

यह प्रतियोगिता भारत की सबसे महत्वपूर्ण ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में से एक है, क्योंकि यहीं से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, खासकर एशियन गेम्स के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। इसी वजह से इस जीत का महत्व और भी बढ़ जाता है।

 

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एशियन गेम्स में चयन पक्का

सीमा ने पहले ही 5,000 मीटर दौड़ में अच्छा समय निकालकर एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया था, लेकिन चयन के लिए जरूरी था कि वह इस बड़ी प्रतियोगिता में भी शीर्ष स्थान हासिल करें। अब इस स्वर्ण पदक के बाद उनका एशियन गेम्स के लिए चयन पूरी तरह से पक्का हो गया है।

 

सीमा की लाई रंग 

सीमा की इस सफलता के पीछे उनकी लगातार मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन का बड़ा योगदान रहा है। उनके साथ विदेशी कोच स्कॉट सिमन्स (USA) और भारतीय कोच अजीत मार्कोस जुड़े हुए हैं, जो रिलायंस यूथ स्पोर्ट्स की तरफ से उन्हें ट्रेनिंग देते हैं। रिलायंस यूथ स्पोर्ट्स ही सीमा को स्पॉन्सर भी कर रहा है और उनकी तैयारी में अहम भूमिका निभा रहा है।

 

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सीमा पर टिकी है सबकी निगाहें 

 
 

सीमा ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने कोचों, स्पॉन्सर टीम और लगातार मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और उनका अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।