कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी और कुल्लू की सीमा पर स्थित सराज क्षेत्र के गाडागुशैणी की बेटी चिंता देवी (दिव्या) ने अपनी मेहनत और लगन से इतिहास के प्रवक्ता के रूप में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा जारी किए गए परिणाम में उनकी सफलता ने उनके परिवार और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ा दी है। 

 मंडी से ली मास्टर डिग्री

चिंता देवी (दिव्या) ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और स्नातक तक की पढ़ाई गाडागुशैणी से की थी। इसके बाद उन्होंने सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी से मास्टर डिग्री (एमए) हासिल की। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने ही उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाया। अब हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा इतिहास के प्रवक्ता के रूप में उनके चयन ने उन्हें एक नया मुकाम दिलाया है।

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मिठाई की दुकान चलाते हैं पिता

चिंता देवी (दिव्या) के इस महान कामयाबी से उनके परिवार के सदस्य और पूरे गाडागुशैणी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके पिता भीम राम गाडागुशैणी में एक मिठाई की दुकान चलाते हैं। वे अपनी बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं। उन्होंने अपनी बेटी के संघर्ष और समर्पण को सराहा और इस उपलब्धि को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का पल बताया।

चिंता देवी (दिव्या) का यह चयन उनके परिजनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनका मानना है कि उनकी बेटी ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उसने अपने गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का काम किया है। 

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 क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत

चिंता देवी (दिव्या) की सफलता गाडागुशैणी क्षेत्र के लिए एक उदाहरण बन गई है। उनके इस योगदान से स्थानीय लोग प्रेरित हो रहे हैं कि कठिन मेहनत और शिक्षा के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। युवा पीढ़ी को भी यह संदेश जाता है कि शिक्षा से ही भविष्य उज्जवल हो सकता है। यह उपलब्धि न केवल दिव्या के परिवार के लिए, बल्कि समूचे गाडागुशैणी और आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए एक गर्व का विषय है। 

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