मंडी। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों बरसात का मौसम चल रहा है। ऐसे में सांप व बिच्छू के काटने का खतरा भी बढ़ गया है। इस सीजन में अब तक कई लोगों की सांप के काटने से मौत हो गई है। मृतकों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं। ऐसी घटनाओं के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।
सांप के डसने से महिला की मौत
ताजा मामला जिला मंडी से सामने आया है- जहां नेला वार्ड नंबर-4 के कल्यार गांव में एक महिला की सांप के काटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई है। महिला की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मची हुई है।
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सो रही थी महिला
परिजनों ने बताया कि घटना बीती रात को महिला अपने कमरे में सो रही थी। इसी दौरान अचानक उसे किसी जहरीसले सांप ने काट लिया। महिला की तबीयत खराब होने लगी तो वो जोर से चिल्लाई।
कमरे में घुसा सांप
ऐसे में परिजन उसे आनन-फानन में उपचार के नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुचाया। जहां पर डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दाखिल कर लिया। मगर डॉक्टरों की कड़ी कोशिशों के बावजूद महिला को नहीं बचाया जा सका। महिला ने आज सुबह करीब 6 बजे अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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सदमे में पूरा परिवार
मृतका की पहचान कौशल्या देवी पत्नी गोपाल पालु के रूप में हुई है- जो कि भरौन गांव की रहने वाली थी। कौशल्या की मौत ने परिवार को झकझोर कर रखा दिया है। पूरे गांव में माहौल गमगीन बना हुआ है। कौशल्या गरीब परिवार से संबंध रखी थी। लोगों का कहना है कि कौशल्या काफी मिलनसार और अच्छे स्वभाव की थी।
छोटी-छोटी गलतियां हो सकती हैं खतरनाक
आमतौर पर सांप के काटने पर जहर को शरीर में फैलने से रोकने के लिए लोग उस जगह को बांध लेते हैं। कई बार लोग दो-तीन जगह को बांध देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। यही छोटी-छोटी गलतियां आपकी जान के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
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दरअसल, ऐसा करने से सांप के काटने वाली जगह पर खून की सर्कुलेशन रुक जाती है। साथ ही उस जगह के टिश्यू डेमेज होने लगते हैं- जहां सांप ने काटा होता है। इससे गेंगरीन और पैरालिसिस जैसी बीमारियां होने का खतरा हो जाता है। इतना ही नहीं मरीज की मौत भी हो सकती है।
सांप के काटने पर क्या करें?
- अगर किसी को सांप काटा है तो उस मरीज को ऊपर सिर करके कहीं लिटा दें।
- पीड़ित को घी खिलाकर उल्टी करवा दें- इससे जहर नहीं फैलेगा।
- पीड़ित को 10 से 15 बार गुनगुना पानी पिलाएं और उल्टी करने को कहें।
- लहसुन को पीसकर उसमें शहद मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
- सांप के काटने वाली जगह को साबुन और साफ पानी से धो लें।
- सांप के काटने वाली जगह को साफ सूती कपड़े से ढक दें।
- सांप काटने के घंटे भर के अंदर मरीज को मेडिकल ट्रीटमेंट दें।
- ब्लीडिंग होने पर खून को बहने दें।
- पीड़ित व्यक्ति को शांत और स्थिर रखें।
- घाव को ढीली और साफ पट्टी से कवर करें।
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सांप के काटने पर क्या ना करें?
- जिस हिस्से में सांप ने काटा है उसे हिलने-डुलने या चलने-फिरने ना दें- मूवमेंट करने से जहर फैलता है।
- सांप के काटने वाली जगह पर टाइट कपड़े ना बांधे।
- जहर को चूसकर निकालने की कोशिश ना करें।
- सांप के काटने वाली जगह पर जहर निकालने के लिए कोई कट ना लगाएं।
- एल्कोहल, चाय या कॉफी का गलती से भी सेवन ना करें- इससे जहर तेजी से फैल सकता है।
- किसी तरह की ठंड़ा या गर्म सिंकाई ना करें और ना ही कोई क्रीम लगाएं।
- दर्द के लिए एस्पीरिन ना लें-इससे ब्लीडिंग बढ़ सकती है।
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कैसे पहचाने की काटा है सांप?
आपको बता दें कि सांप के काटने की पहचान करने के तीन तरीके हैं-
- जिस व्यक्ति को सांप ने काटा है- उसने सांप काटते या सांप को आते-जाते देखा हो।
- जिस जगह पर सांप काटा है- उस जगह दो बूंद जैसे गोल निशान ऊपर-नीचे या आसपास हों।
- सांप के काटने पर व्यक्ति को पेट में दर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, सूजन, बेहोशी, सुस्ती हो सकती है।
