लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल.स्पीति से शुक्रवार को सामने आए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। उदयपुर.किलाड़ मार्ग पर कडू नाला के समीप चलती टाटा सूमो पर अचानक पहाड़ी से विशाल चट्टानें आ गिरीं। देखते ही देखते पूरी गाड़ी चट्टानों के नीचे दबकर बुरी तरह चकनाचूर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि गाड़ी में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और 13 लोगों की एक झटके में ही हो गई। इस हादसे में दो लोग घायल भी हुए हैं। मृतकों में छह माह का एक मासूम बच्चा भी शामिल है। 

15 लोग थे सवार, केवल दो लोग बच सके

जानकारी के अनुसार टाटा सूमो टैक्सी में कुल 15 लोग सवार थे। सभी जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के निवासी थे और कुल्लू से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वाहन कडू नाला के पास पहुंचाए उसी समय पहाड़ी से भारी.भरकम चट्टानें टूटकर सीधे वाहन पर आ गिरीं। हादसे में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गईए जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

चट्टानों के नीचे दबकर चकनाचूर हुई गाड़ी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चट्टानों का आकार इतना बड़ा था कि टाटा सूमो पूरी तरह उनके नीचे दब गई। हादसे के बाद वाहन का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के साथ उसमें आग भी लग गई। स्थानीय लोगों और राहत दल ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास कियाए लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह तबाह हो चुकी थी। हादसा इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गएए जिससे शुरुआती दौर में उनकी पहचान करना बेहद कठिन हो गया। 

 

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मां बेटी पिता पुत्री और पति पत्नी की चली गई जान

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने बीआरओ की मशीनों की मदद से चट्टानों को हटाया और शवों को बाहर निकाला। इस हादसे में सात पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। इसमें मां बेटी, पिता पुत्री, पति पत्नी की जान चली गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरी पांगी घाटी गहरे शोक में डूब गई है। हादसे में जान गंवाने वालों में 9 पांगी के जबकि दो उदयपुर के निवासी हैं। पुलिस अधीक्षक लाहौल.स्पीति शिवानी मेहला ने बताया कि सड़क हादसे में छह माह के एक बच्ची सहित 13 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।

 

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सड़क खुलते ही घर के लिए निकले थे लोग

बताया जा रहा है कि उदयपुर-किलाड़ मार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण एक दिन पहले तक बंद था। सड़क बहाल होने के बाद यात्री अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए थे। लेकिन कडू नाला के पास अचानक हुए भूस्खलन ने पूरे सफर को मातम में बदल दिया।

12 मृतकों की हुई पहचान

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में मारे गए 13 में से 12 लोगों की पहचान कर ली गई है। जबकि एक शव की अभी तक पहचान नहीं हुई है। इस हादसे में मृतक की पहचान बीर सिंह (35) पुत्र सूरत चंद गांव घिसाल पांगी चंबा, बीर सिंह पुत्र लाल चंद, गांव शून पांगी, बुद्धि सिंह पुत्र सवाल दास निवासी साच, कमला कुमारी पत्नी बुद्धि सिंह निवासी साच, अनिल कुमार पुत्र हरि कृष्ण निवासी साच, रेखा पुत्री महेंद्र कुमार गांव हिलोल, सौरभ सिंह पुत्र बीर सिंह निवासी हासिल, अंजना पुत्री चैन सिंह निवासी सत्ती पांगी, सोमन आंग्मो पत्नी छेरिंग दोरजे गांव छलिंग उदयपुर, आरू (6 महीने) पुत्र छेरिंग दोरजे, गांव छलिंग उदयपुर, संजय कुमार पुत्र मोहन लाल, हंस राज धरवास पांगी चंबा के तौर पर हुई है।

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गाड़ी छूट गई तो पत्नी और 6 माह की बेटी को तिदी छोड़ने गया छेरिंग

लाहौल की मयाड़ घाटी निवासी छेरिंग दोरजे के लिए यह हादसा जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गया। उनकी पत्नी सोनम आंग्मो अपनी छह माह की बेटी आरू के साथ मायके पांगी जा रही थीं। गुरुवार को जिस वाहन से उन्हें सफर करना थाए वह उनके पहुंचने से पहले ही निकल गया। इसके बाद छेरिंग ने खुद अपनी पत्नी और मासूम बेटी को दूसरे वाहन तक सुरक्षित पहुंचाने का फैसला किया। वह उन्हें तिंदी तक छोड़कर वापस उदयपुर लौट आया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही घंटों बाद उन्हें पत्नी बेटी की मौत की खबर सुनने को मिली। खबर मिलते ही छेरिंग पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।

मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

 

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पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ा खतरा

लगातार हो रही बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील मार्गों पर यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।

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