शिमला। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मंगलवार सुबह एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लूणा-सामरा सड़क पर सुबह करीब छह बजे अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया।
साफ मौसम में दरका पहाड़
देखते ही देखते भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। भूस्खलन के समय मौसम साफ बताया जा रहा था, इसके बावजूद अचानक पहाड़ दरकने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
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अचानक पहाड़ी से टूटकर आया मलबा
मंगलवार सुबह जब लोग अपने रोजमर्रा के काम के लिए आवाजाही कर रहे थे, उसी दौरान लूणा-सामरा मार्ग पर पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गया। मलबे और बड़े पत्थरों ने सड़क के बड़े हिस्से को ढक लिया। घटना के बाद मार्ग से वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकनी पड़ी।
रास्ते में फंसी कई गाड़ियां
भूस्खलन इतना अचानक हुआ कि सड़क से गुजर रहे कई वाहन मार्ग के दोनों तरफ फंस गए। पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहने के कारण कुछ समय तक लोगों के लिए वहां से गुजरना भी सुरक्षित नहीं रहा।
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चार पंचायतों की आवाजाही प्रभावित
सड़क बंद होने का सीधा असर आसपास की चार पंचायतों पर पड़ा है। रहनू कोठी, जगत, क्रूर और छतराड़ी पंचायतों के ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों की बढ़ी परेशानी
इस मार्ग के जरिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने जरूरी काम के लिए आवाजाही करते हैं। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे समय और दूरी दोनों बढ़ने की संभावना है।
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आवाजाही पूरी तरह बंद
भूस्खलन के बाद सड़क पर मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। मार्ग के दोनों ओर वाहन खड़े रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क पर खड़े रहना भी जोखिम से खाली नहीं था।
अगर जल्द मलबा नहीं हटा तो...
लोगों का कहना है कि अगर जल्द मलबा नहीं हटाया गया तो क्षेत्र में रोजमर्रा की गतिविधियां और प्रभावित हो सकती हैं। खासकर जरूरी काम, बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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मौके पर पहुंची विभागीय टीम
भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित सड़क का जायजा लिया। मार्ग पर गिरे मलबे को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा रही है।
मलबा दोबारा गिरने का आशंका
सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीनरी लगाई जा रही है। हालांकि, पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए सड़क को पूरी तरह खोलने से पहले स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
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साफ मौसम में भूस्खलन ने बढ़ाई चिंता
स्थानीय लोगों के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि मंगलवार सुबह मौसम साफ था और इसके बावजूद अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा। बरसात के मौसम में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं आम तौर पर बढ़ जाती हैं। मगर साफ मौसम में इस तरह पहाड़ दरकने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
जल्द सड़क खोलने की उठी मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि संवेदनशील स्थानों की जांच कर वहां सुरक्षा के स्थायी इंतजाम किए जाएं- ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से जान-माल और यातायात को कम से कम नुकसान हो। चार पंचायतों के लोगों ने लोक निर्माण विभाग से जल्द से जल्द सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने की मांग की है।
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रास्ता ने खुलने से बढ़ सकती हैं परेशानियां
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग उनके लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है और लंबे समय तक बंद रहने से लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल विभाग की ओर से सड़क बहाली का काम शुरू किया जा रहा है।
लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत
मार्ग पूरी तरह साफ होने और आवाजाही सुरक्षित होने तक लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर भूस्खलन प्रभावित हिस्से के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
