#हादसा
August 20, 2026
हिमाचल: खाई में गिरी गाड़ी, चालक की थमी सांसें, मासूम बच्चे और गर्भवती पत्नी को छोड़ गया अकेला
रात को घर लौटते समय खाई में गिरी गाड़ी, सुबह चला हादसे का पता
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नाहन: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। शिलाई उपमंडल में देर रात हुए हादसे में 35 वर्षीय टैक्सी चालक प्रदीप बीरसांटा की मौत हो गई। सबसे ज्यादा मार्मिक बात यह है कि प्रदीप एक मासूम बच्चे का पिता था और उसकी पत्नी गर्भवती है। परिवार कुछ ही दिनों बाद एक बार फिर खुशियां मनाने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले ही हादसे ने परिवार से उसका सहारा छीन लिया।
जानकारी के अनुसार प्रदीप बीती देर रात अपनी बोलेरो गाड़ी में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बांदली-ढाढस मार्ग पर अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा देर रात होने के कारण तत्काल किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। प्रदीप दुर्घटनाग्रस्त वाहन में ही फंसे रहे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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सुबह सड़क से गुजर रहे स्थानीय लोगों की नजर जब दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और वाहन अनियंत्रित होने की असली वजह क्या रही, इसकी जांच की जा रही है।
प्रदीप की मौत ने परिवार को जिस सदमे में पहुंचा दिया है, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। परिवार में जल्द ही एक नई खुशी आने वाली थी। प्रदीप कुछ ही दिनों बाद दूसरी बार पिता बनने वाले थे। घर में आने वाले नए मेहमान को लेकर परिवार में उत्साह रहा होगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।जिस घर में बच्चे के आने की तैयारियां और खुशियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है। गर्भवती पत्नी के लिए पति को खोने का यह दुख और भी असहनीय है।
प्रदीप अपने पीछे एक मासूम बच्चे और गर्भवती पत्नी को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए वह केवल घर के सदस्य नहीं, बल्कि रोजी-रोटी का मुख्य सहारा भी थे। टैक्सी चलाकर वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।महज 35 वर्ष की उम्र में हुई उनकी अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रदीप की मौत की खबर से ढाढस गांव सहित पूरे शिलाई क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम उम्र में परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत बेहद दुखद है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकें और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
रात को जिस परिवार को प्रदीप के घर लौटने का इंतजार था, सुबह उसी परिवार को उनकी मौत की खबर मिली। कुछ ही दिनों बाद पिता बनने की खुशी का इंतजार कर रहे प्रदीप अब इस दुनिया में नहीं हैं। सड़क हादसे की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ी सड़कों पर एक छोटी सी चूक कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। प्रदीप की मौत ने पीछे रह गए परिवार के सामने जिंदगी की ऐसी चुनौती खड़ी कर दी है, जिसका दर्द शायद कभी कम नहीं होगा।