#हादसा
August 22, 2026
हिमाचल: सड़क से पलटे खाते खेतों में गिरी थार, अंदर बैठे थे 8 युवक-युवतियां; मची चीख-पुकार
थार में सवार सभी युवक युवतियां बताए जा रहे प्रशिक्षु डॉक्टर
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मंडी: हिमाचल प्रदेश की सर्पीली और पहाड़ी सड़कों पर जरा सी चूक कई बार जिंदगी पर भारी पड़ जाती है। मोड़, ढलान और तेज रफ्तार के बीच वाहन का संतुलन बिगड़ते ही हादसा होने में देर नहीं लगती। ऐसा ही एक हादसा मंडी जिले में पठानकोट-मंडी हाईवे पर देर रात सामने आया, जहां एक थार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेतों में जा गिरी। हादसे के वक्त गाड़ी में आठ युवक युवतियां सवार थे। यह सभी प्रशिक्षु डॉक्टर बताए जा रहे हैं।
हादसा जोगिंद्रनगर के समीप रात करीब 3 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला में प्रशिक्षण ले रहे सभी प्रशिक्षु चिकित्सक किसी काम से जोगिंद्रनगर आए थे। काम निपटाने के बाद वे थार में सवार होकर वापस पपरोला की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान पठानकोट.मंडी हाईवे पर अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा।
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कुछ ही पलों में थार सड़क से फिसलते हुए नीचे खेतों में जा पलटी। वाहन पलटने से उसमें सवार 8 लोगों की चीख पुकार से स्थानीय लोगों की नींद टूटी और वह तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। थार में फंसे प्रशिक्षु डॉक्टरों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।
हादसे की चपेट में सड़क किनारे खड़ी एक स्कूटी भी आ गई। थार के सड़क से नीचे जाने के दौरान स्कूटी को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि उस समय स्कूटी के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा हादसा और गंभीर हो सकता था।
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हादसे की सूचना मिलते ही जोगिंद्रनगर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को तत्काल जोगिंद्रनगर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल में उपचार के बाद पांच प्रशिक्षु डॉक्टरों की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। वहीं, तीन घायलों की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए पालमपुर रेफर कर दिया।
हादसे में घायल हुए प्रशिक्षु चिकित्सकों में हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अलावा राजस्थान से जुड़ी एक युवती भी शामिल है। घायलों की पहचान 25 वर्षीय रोहित निवासी पांगणा, 25 वर्षीय अंकिता धीमान निवासी लंबागांव, जयसिंहपुर, 23 वर्षीय निकिता निवासी शिमला, 25 वर्षीय सुनीता सेपट निवासी जयपुर, 23 वर्षीय अकन्या निवासी ऊना, 24 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार निवासी कांडा, करसोग और 23 वर्षीय शुभम निवासी बैजनाथ के रूप में हुई है।
देर रात हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में थार के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, लेकिन वाहन किस वजह से नियंत्रण से बाहर हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस हादसे से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। वाहन की रफ्तार, सड़क की स्थिति और चालक के नियंत्रण खोने की परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
हिमाचल की पहाड़ी सड़कें खूबसूरत होने के साथ-साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी हैं। कई स्थानों पर तीखे मोड़, ढलान और संकरी सड़कें वाहन चालकों से अतिरिक्त सावधानी की मांग करती हैं। ऐसे में तेज रफ्तार या थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। जोगिंद्रनगर के पास हुआ यह हादसा भी एक बार फिर यही संदेश देता है कि पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण और सड़क की परिस्थितियों के अनुसार ड्राइविंग बेहद जरूरी है। इस हादसे में आठ लोग घायल हुए, लेकिन राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थानीय लोगों ने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।