कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिन से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बरसात अब जानलेवा साबित हो रही है। जगह-जगह भूस्खलन और मकानों के ढहने से लोगों में डर का माहौल है। मंगलवार सुबह आनी के नए बस अड्डे क्षेत्र में एक निर्माणाधीन दोमंजिला मकान भारी भूस्खलन की चपेट में आकर धराशायी हो गया और सीधे सड़क पर आ गिरा। इससे आसपास के भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं।
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ताश की पत्तों की तरह ढहे 8 मकान
खास बात यह है कि 2023 में इसी स्थान पर आठ मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए थे। प्रशासन ने उस समय इस भवन को भी असुरक्षित घोषित किया था और खाली करवा लिया था। एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट हालात का जायजा लेने पहुंच रहे हैं। जरूरत पड़ने पर आसपास के अन्य भवन भी खाली करवाए जाएंगे।
तीन लोग मलबे में दबे, महिला की मौत
कुल्लू के ढालपुर क्षेत्र में भीषण भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में तीन लोग दब गए। जिसमें एक महिला की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। मलबे से निकाले सभी लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां गंभीर रूप से घायल महिला की मौत हो गई। मृतक महिला की पहचान 55 वर्षीय लता देवी पुत्री स्व जीत राम के रूप में हुई है। इसी तरह से सोलन जिला में भी एक मकान ढहने से एक महिला की मौत हो गई है।
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ब्यास नदी का रौद्र रूप
उधर कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। नदी किनारे रहने वाले लोग भयभीत हैं। अतीत में भी ब्यास का प्रचंड रूप जानमाल के नुकसान का कारण बन चुका है। वहीं, औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर कमांद कैंची के पास करीब 30 मीटर सड़क धंस जाने से पूरे चलौहन वार्ड पर खतरा मंडरा रहा है। अमरबाग में कार दबकर क्षतिग्रस्त कुल्लू के अमरबाग क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में रामप्रकाश की कार आ गई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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कई लोग हुए बेघर
कुल्लू के बागन क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव जारी है। मकानों में दरारें आने से 23 लोग बेघर हो गए हैं। प्रभावित परिवार सुरक्षित ठिकानों पर शरण ले रहे हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
