चंबा। हिमाचल प्रदेश में आए दिन सड़क हादसे कई लोगों की कीमती जानें ले रहे हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक सड़क हादसा हिमाचल के चंबा जिला में हुआ है। चंबा के सलूणी तहसील में एक दर्दनाक सड़क हादसे में सरकारी स्कूल में कार्यरत एक शारीरिक शिक्षक की जान चली गई। हादसा शाम को बग्गी.ब्रंगाल सड़क मार्ग पर द्रबला के पास हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में सवार शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई।
पीटीआई के पद पर तैनात थे जरम सिंह
मृतक की पहचान 50 वर्षीय जरम सिंह पुत्र मुलख राज निवासी गांव तलोड़ी डाकघर सुंडला तहसील सलूणी जिला चंबा के रूप में हुई है। वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बग्गी में शारीरिक शिक्षा अध्यापक पीटीआई के पद पर कार्यरत थे।
यह भी पढ़ें : मंत्री अनिरुद्ध ने घड़े से फोड़ा NHAI के मैनेजर का सिर, थाने पहुंचा मामला- यहां जानें पूरा सच
ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार सोमवार को रोज की तरह जरम सिंह ने बग्गी स्कूल में अपनी ड्यूटी निभाई और शाम करीब 6 बजे अपने घर के लिए रवाना हुए। लेकिन जैसे ही वह द्रबला के समीप पहुंचे, उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े और तुरंत पुलिस चौकी ब्रंगाल को सूचना दी।
यह भी पढ़ें : NHAI अधिकारी मामले पर केंद्रीय मंत्री गड़करी ने जताई नाराजगी, CM सुक्खू से कहा- सख्त एक्शन लें
पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर निकाला शव
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से शव को खाई से बाहर निकाला गया और सड़क तक लाया गया। इसके बाद शव को नागरिक अस्पताल डलहौजी पहुंचाया गयाए जहां चिकित्सकों ने जरम सिंह को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की पुष्टि करते हुए डीएसपी डलहौजी हेमंत ठाकुर ने बताया कि पुलिस थाना खैरी में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार वाहन पर से नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में भरभरा कर गिरी निर्माणाधीन टनल, कई मजदूर मौके पर कर रहे थे काम; मची चीख-पुकार
शिक्षा जगत में शोक की लहर
जरम सिंह की आकस्मिक मृत्यु की खबर से न केवल उनके परिवार में बल्कि शिक्षा जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई है। स्कूल के सहकर्मियों और छात्रों ने उन्हें एक अनुशासित, कर्मठ और मिलनसार शिक्षक के रूप में याद किया। ग्रामीणों ने भी उनकी सामाजिक सक्रियता और सौम्य व्यवहार को लेकर शोक जताया है।
