कांगड़ा शाहपुर। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस हादसे में एक ही गांव के तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। एक झटके में तीन घरों के चिराग बुझ गए, तीनों ही युवक एक ही गांव के रहने वाले थे। जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया है। 

 

यह हादसा शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भलेड़ पावर हाउस के समीप बीती देररात को हुआ। हादसे में एक बाइक पर तीन युवक सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। समय पर हादसे की जानकारी ना मिलने के चलते तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों ही युवक दरीणी पंचायत के चनैना गांव के रहने वाले थे।

एक साथ निकले तीन दोस्त, घर नहीं लौटे लाडले

बताया जा रहा है कि तीनों युवक बीती रात बाइक पर सवार होकर गुग्गा डेरा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे वापस अपने गांव की ओर लौट रहे थे। वापसी के दौरान भलेड़ पावर हाउस के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और देखते ही देखते सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी।

 

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रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा इतना भयावह था कि काफी देर तक किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। हादसे के बाद तीनों युवक खाई में पड़े रहे और समय पर मदद नहीं मिल पाने के कारण उनकी जान चली गई। बाद में घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की।

तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। 36 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र जोगिंदर पाल, 27 वर्षीय पवन कुमार पुत्र केवल कुमार और 19 वर्षीय प्रिंस कुमार पुत्र पुराण चंद की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई।

 

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एक ही गांव के तीन युवाओं की एक साथ मौत से चनैना गांव में मातम पसरा हुआ है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक अपनों के लौटने का इंतजार था, वहां अब मातम और सिसकियां सुनाई दे रही हैं। जवान बेटों को खोने के सदमे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

खराब सड़क मानी जा रही हादसे की वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार घटनास्थल के आसपास सड़क की स्थिति भी हादसे की एक संभावित वजह हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क और रात का अंधेरा दोनों परिस्थितियां वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा देती हैं। हालांकि हादसा वास्तव में किन परिस्थितियों में हुआ, इसका स्पष्ट पता पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा। स्थानीय स्तर पर यह बात भी सामने आई है कि हादसे के तुरंत बाद किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। यदि समय रहते दुर्घटना का पता चल जाता तो शायद बचाव का प्रयास किया जा सकता था। इस पहलू को लेकर भी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।

 

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सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खाई से शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई की। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में जुट गए। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए धर्मशाला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर बाइक के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है।

धर्मशाला में होगा तीनों शवों का पोस्टमार्टम

तीनों युवकों के पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं। विधायक ने धर्मशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दूरभाष पर बातचीत कर पोस्टमार्टम से संबंधित प्रक्रिया को लेकर आवश्यक समन्वय किया तथा शवों को धर्मशाला ले जाने की व्यवस्था करवाई। इस दौरान नगर पंचायत शाहपुर के उपाध्यक्ष राजीव पटियाल, पार्षद अभिषेक माथुर, पूर्व पार्षद शुभम ठाकुर समेत कई स्थानीय लोग भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

 

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विधायक केवल सिंह पठानिया भी पहुंचे अस्पताल

हादसे की सूचना मिलते ही शाहपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया सिविल अस्पताल शाहपुर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

एक गांव के तीन चिराग बुझने से हर आंख नम

शाहपुर क्षेत्र में इस हादसे की खबर फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। तीनों युवक एक ही गांव के थे और अपने-अपने परिवारों के लाडले थे। एक ही रात में तीन परिवारों ने अपने जवान बेटों को खो दिया। हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा, सड़क की स्थिति और रात के समय यातायात को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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