शिमला। हिमाचल के खराब आर्थिक हालात के चलते सुक्खू सरकार लगातार दूसरे महीने पेंशनरों को 9 तारीख को पेंशन देगी। कल यानी बुधवार को प्रदेश के लगभग 1.80 पेंशनरों के खाते में सुक्खू सरकार पेंशन डालेगी। इससे पहले पिछले माह भी सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों को वेतन पांच तारीख और पेंशन 10 तारीख को दी थी। इस बार कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को तो वेतन पहली तारीख को दे दिया, लेकिन पेंशनरों को पेंशन के लिए 9 दिन का इंतजार करने को कहा।

कल मिलेगी पेंशनरों को पेंशन

अब कल यानी 9 अक्तूबर को पेंशनरों को अपनी पेंशन का इंतजार है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुक्खू सरकार ने पेंशनरों को पेंशन देने के लिए पैसों का जुगाड़ कर लिया है। यानी सरकारी कोषागार में इतनी धनराशि जमा कर ली गई है, जिससे कल पेंशनरों को पेंशन दी जा सके। पेंशन में देरी से पेंशनर सुक्खू सरकार से काफी नाराज भी चल रहे हैं। यह भी पढ़ें : CM सुक्खू ने गोद लिया मोनाल पक्षी- जानें एक साल में कितना आएगा खर्च

देरी से पेंशन देने से सरकार ने कमाए 75 लाख रुपए

बताया जा रहा है कि पेंशनरों को पेंशन देरी से देने के चलते सुक्खू सरकार को इससे 75 लाख का फायदा हुआ है। सीएम सुक्खू इससे पहले भी बता चुके हैं कि हमने कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन और पेंशन देनी ही है। लेकिन उसे पांच से 10 दिन लेट देने से सरकार को इससे करोड़ों का फायदा होगा और आर्थिक मंदी के दौर में सरकार के लिए यह फायदा काफी लाभदायक सिद्ध होगा। यह भी पढ़ें : हरियाणा में तीसरी बार जीती BJP, क्या हिमाचल बना कांग्रेस की हार का कारण? इन बिंदूओं से जानें

पेंशन देरी से देने पर पेंशनरों में रोष

बता दें कि 9 तारीख को पेंशन देने के सुक्खू सरकार के फैसले से पेंशनरों में रोष है। पेंशनरों ने पहली तारीख को पेंशन देने की मांग की है। इसके अलावा संशोधित वेतनमान के एरियर का भुगतान शीघ्र करने को लेकर मुहिम शुरू की है। इसी मुहिम के चलते अब पेंशनर्स संघ कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों को ज्ञापन सौंप कर अपना पक्ष रख रहा है। यह भी पढ़ें : हिमाचल के स्कूलों में शुरू हुआ नया विषय- अब बागवानी सीखेंगे स्कूली बच्चे

राज्यपाल से मिलेंगे पेंशनर्स

वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश सचिवालय एवं अन्य संबद्ध पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रधान मदल लाल शर्मा और महासचिव भूप राम वर्मा का आरोप है कि सरकार कर्मचारी और पेंशनरों के बीच लड़ाई करवाना चाहती है। ऐसा करके सरकार डीए और एरियर की मांग से कर्मचारी और पेंशनरों का ध्यान भटकाने का प्रयास भी कर रही है। यह भी पढ़ें : नहीं रहे धर्मशाला से पूर्व BJP प्रत्याशी राकेश चौधरी, पारिवारिक विवाद के चलते निगला था जहर उन्होंने कहा कि पेंशनर संघ इस मुद्दे को लेकर शीघ्र राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा। जिसमें प्रदेश में वित्तीय आपातकाल को लगाए जाने की मांग की जाएगी। यह भी पढ़ें : हिमाचल में दसवीं पास को मिलेगी नौकरी, कल यहां होगा इंटरव्यू, जानें पूरी डिटेल

वेतन पेंशन को हर माह चाहिए 2 हजार करोड़ रुपए

बता दंे कि हिमाचल में कर्मचारियों और पेंशनरों को हर माह वेतन और पेंशन के लिए दो हजार करोड़ की जरूरत होती है। इन दो हजार करोड़ में 1200 करोड़ कर्मचारियों के वेतन पर और 800 करोड़ पेंशनरों की पेंशन पर खर्च किए जाते हैं। यानी इस समय प्रदेश के कुल बजट की वार्षिक 42 फीसदी राशि वेतन व पेंशन पर व्यय हो रही है।

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