शिमला। हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ता बिजली मीटर्स में बदलाव देखने के लिए तैयार हो जाएं। पहले जो बिजली मीटर पोस्टपेड थे, अब वही मीटर प्रीपेड होंगे। ये कुछ-कुछ मोबाइल रिचार्ज जैसा ही है। अब उपभोक्ता पहले रिचार्ज करवाएंगे, फिर उन्हें बिजली मिलेगी। इन बदलावों के बाद उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलने के आसार है।
2025 के अंत तक बदल जाएंगे सभी मीटर
इस वक्त प्रदेश के घरों में पोस्टपेड मीटर लगे हुए हैं। ऐसे में जनता रीडिंग से ज्यादा बिल मिलने की शिकायत करती है। कई जगह दो या तीन महीनों का बिल एक साथ आता है। अब ये तस्वीर बदलने जा रही है।
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दावा किया जा रहा है कि प्रीपेड मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें खत्म हो जाएंगी। इतना ही नहीं, दावा ये भी है कि प्रीपेड मीटर लगने से बिजली की खपत कम होगी। बता दें कि प्रीपेड मीटर लगने पर उपभोक्ता से मीटर की सिक्योरिटी राशि नहीं ली जाएगी।
बिजली गुल होने से पहले यूं मिलेगी सूचना
जानकारी के मुताबिक स्मार्ट बिजली मीटर में मोबाइल की तरह रिचार्ज करवाना होगा। फिर जितनी बिजली आप इस्तेमाल करेंगे, आपके बैलेंस से उतने ही पैसे कटेंगे और मान लीजिए कि आप छुट्टियों पर कहीं बाहर गए हैं और घर पर कोई नहीं है, तो ऐसे में आप बिजली इस्तेमाल नहीं कर रहे इसलिए आपके बैलेंस से कोई पैसे नहीं कटेंगे।
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एक और बात जब आपका रिचार्ज खत्म हो जाएगा तो बिजली कटने से पहले आपको सूचना के रूप में एक मैसेज यानि SMS आएगा।बता दें कि रिचार्ज खत्म होने पर बिजली गुल हो जाएगी लेकिन राहत की बात ये है कि बिजली गुल होने से पहले आपको इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
रिचार्ज के लिए कई जगह मिलेगी ये सुविधा
केंद्र सरकार ने निर्देशों के अनुसार हिमाचल बिजली बोर्ड ने प्रीपेड मीटर को लेकर प्रकिया तेज कर दी है। नए मीटर्स खरीदने के लिए बिजली बोर्ड ने टेंडर मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्मार्ट मीटर लगने से हिमाचल के 19 लाख से ज्यादा उपभोक्ता परिवार जरूरत के हिसाब से मीटर में रिचार्ज करवा सकेंगे।
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कितनी बिजली इस्तेमाल हो रही है इसके लिए भी आपको मैसेज आएगा। बिजली बिल भी SMS के जरिए ही भेजा जाएगा। रिचार्ज करने के लिए विभिन्न जगहों पर वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। दावा है कि स्मार्ट मीटर के बाद बिजली चोरी पर लगाम लगेगी।
