शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम तबाही मचाने के मूड में नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार ताजा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हिमाचल प्रदेश में लगातार तीन दिन बादल बरसेंगे। अगले तीन दिनों तक प्रदेशभर में बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज तूफान की चेतावनी जारी की है। खास बात यह है कि कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे किसानों और बागवानों की चिंता और बढ़ गई है।

तीन दिन तक खराब रहेगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 7 से 9 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम बेहद खराब रहेगा। अगले 48 घंटों में मौसम की सबसे ज्यादा गतिविधि देखने को मिल सकती है, जब कई क्षेत्रों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

 

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कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि और तेज तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग की मानें तो हिमाचल प्रदेश में कल यानी 7 और आठ अप्रैल को प्रदेश के पांच जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन और शिमला में और 7 अप्रैल को चंबा जिले में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह से 8 अप्रैल को शिमला जिले में कुछ जगहों पर भारी बारिश-बर्फबारी और सिरमौर, मंडी और सोलन में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।  

 

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वहीं 7 और 8 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक अंधड़ चलने का येलो अलर्ट है। जबकि 6 और 9 अप्रैल को सिरमौर, शिमला, सोलन और मंडी जिलों में और 6 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में कुछ जगहों पर अंधड़ चलने का येलो अलर्ट है।

पहले ही बिगड़ चुका है मौसम

प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। शिमला के ठियोग, कुमारसैन, आनी और कोटखाई जैसे क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित किया है। कई जगहों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ।

 

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किसानों-बागवानों पर संकट

लगातार हो रही ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की कमर तोड़ दी है। सेब, मटर, फूलगोभी और स्टोन फ्रूट्स की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सेब के पेड़ों पर लगे फूल और छोटे फल झड़ गए हैं, जबकि कई जगहों पर टहनियां तक टूट गई हैं। इससे इस साल उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

तापमान में गिरावट

बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2 से 3 डिग्री नीचे चला गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ सकता है।

 

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तेज हवाएं और अंधड़ भी बनेंगे मुसीबत

मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में तेज अंधड़ चलने की भी चेतावनी दी है। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है।

आगे भी बनी रहेगी मौसम की गतिविधि

हालांकि 10 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ सकता है, लेकिन 11 और 12 अप्रैल को भी ऊंचे और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।

लगातार बिगड़ते मौसम और अलर्ट के बीच लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर किसानों और बागवानों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया है। अब सभी की नजरें मौसम के रुख पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले कुछ दिन प्रदेश के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं।

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